छत्तीसगढ़ में भारतनेट के विस्तार के लिए 3,942 करोड़ रुपये की मंजूरी, 11,682 ग्राम पंचायतों को मिलेगा लाभ

18 Aug 2026 18:36:53
नई दिल्ली में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ में परियोजना के क्रियान्वयन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करते केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारी।


नई दिल्ली, 18 अगस्त (हि.स.)। केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत 3,942 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मंजूर की है। इसके तहत राज्य की 11,682 ग्राम पंचायतों को भारतनेट नेटवर्क से जोड़ा और उन्नत किया जाएगा। साथ ही 8,328 गांवों को मांग के आधार पर इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी।

केंद्रीय संचार मंत्रालय ने बताया कि संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत इसके क्रियान्वयन के लिए डिजिटल भारत निधि, दूरसंचार विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार, छत्तीसगढ़ स्टेट भारतनेट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, भारत संचार निगम लिमिटेड और छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी के बीच मंगलवार को यहां संचार भवन में समझौता हुआ।

इस कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ में कुल 11,682 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इनमें पहले चरण की 4,048 ग्राम पंचायतों को रैखिक नेटवर्क से रिंग नेटवर्क में उन्नत किया जाएगा। इससे नेटवर्क की मजबूती और भरोसेमंद कनेक्टिविटी बढ़ेगी। दूसरे चरण की 5,964 ग्राम पंचायतों को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है, जबकि 1,670 नवगठित ग्राम पंचायतों को भारतनेट नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

इसके अलावा 8,328 गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार के अनुसार इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में अंतिम छोर तक इंटरनेट पहुंचाने में मदद मिलेगी।

केंद्र सरकार की ओर से मंजूर 3,942 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से इस परियोजना को लागू किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत तीन लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर आधारित इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

मंत्रालय ने बताया कि भारतनेट के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान और नागरिक केंद्रित सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और डिजिटल सेवाओं के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।

समझौते पर हस्ताक्षर के मौके पर डिजिटल भारत निधि के प्रशासक श्यामल मिश्रा, छत्तीसगढ़ के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, छत्तीसगढ़ स्टेट भारतनेट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मयंक अग्रवाल, भारत संचार निगम लिमिटेड के निदेशक (एंटरप्राइज बिजनेस) पापा सुधाकरा राव और दूरसंचार विभाग के उप महानिदेशक दिनेश कुमार गर्ग समेत केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चार अगस्त 2023 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य मौजूदा भारतनेट नेटवर्क को उन्नत और विस्तारित कर सभी ग्राम पंचायतों तथा मांग के आधार पर गांवों तक मजबूत और भविष्य के अनुरूप ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना है।

डिजिटल भारत निधि के तहत ग्रामीण, दूरदराज और सेवा से वंचित क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। भारतनेट के अलावा इसमें 4जी कवरेज बढ़ाने, आकांक्षी जिलों के वंचित क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराने तथा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित, हिमालयी और सीमावर्ती क्षेत्रों, द्वीपों और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में मोबाइल सेवाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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