(अपडेट) प्रमोदिनी मेडिकेयर की स्टॉक मार्केट में मामूली बढ़त के साथ एंट्री, फायदे में आईपीओ निवेशक

19 Aug 2026 16:15:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 19 अगस्त (हि.स.)। हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनी प्रमोदिनी मेडिकेयर के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने मामूली बढ़त के साथ एंट्री की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 118 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 1.69 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 120 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के ये शेयर कुछ देर में ही 114 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गए।

इस गिरावट के बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे लोअर सर्किट ब्रेक हो गया। खरीदारी के सपोर्ट से कंपनी के शेयर उछल कर 125.55 रुपये के स्तर तक पहुंचे। इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण इसके भाव में थोड़ी गिरावट भी आई। दिनभर का कारोबार होने के बाद ये शेयर 120.80 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों प्रति शेयर 2.80 रुपये यानी 2.37 प्रतिशत का फायदा हो गया।

प्रमोदिनी मेडिकेयर का 69.04 करोड़ रुपये का आईपीओ 12 से 14 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 3.87 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 3.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 4.96 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 3.49 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 58,51,200 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 63 करोड़ रुपये के 53,50,800 नए शेयर जारी हुए हैं, जबकि लगभग छह करोड़ रुपये के 5,00,400 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी डायग्नोस्टिक सेंटर्स के लिए इक्विपमेंट्स की खरीदारी करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

प्रमोदिनी मेडिकेयर की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 7.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 11.14 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 17.38 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 35.79 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 38.55 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 63.38 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 11.96 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 10.81 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 17.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 24.75 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 35.77 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 53.15 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 23.46 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 34.49 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 36.46 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 15.53 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 20.97 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 30.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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