-रिसड़ा से पकड़ा गया जफर शम्स उर्फ सनी
कोलकाता, 19 अगस्त (हि.स.)। पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम से जुड़े कथित आईएसआई नेटवर्क की जांच में पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने मामले में तीसरे स्थानीय सहयोगी जफर शम्स उर्फ सनी को हुगली जिले के रिसड़ा इलाके से गिरफ्तार किया है। वह पूर्वी कोलकाता के तोपसिया इलाके का निवासी बताया जा रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, वहाब आलम की गिरफ्तारी के बाद सनी फरार था। एसटीएफ की पूछताछ और जांच के दौरान उसका नाम सामने आने के बाद उसकी तलाश की जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ उससे पूछताछ कर रही है और कथित नेटवर्क में उसकी भूमिका तथा उसके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
इस मामले में सनी से पहले दो स्थानीय लोगों मोहम्मद इजाज और इमरान हुसैन को गिरफ्तार किया जा चुका है। इजाज को तोपसिया इलाके से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने वहाब आलम को भारत में रहने और भारतीय पहचान से जुड़े दस्तावेज हासिल करने में मदद की थी।
वहीं, इमरान हुसैन को भी तोपसिया स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। तीसरे स्थानीय सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ अब कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी है।
इस मामले का मुख्य आरोपित पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम है, जिसे उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा इलाके से गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों को संदेह है कि वह ऐसे नेटवर्क से जुड़ा था, जिसके माध्यम से भारत से संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई तक पहुंचाने की कोशिश की जा सकती थी।
जांच में सामने आया है कि वहाब आलम वर्ष 2012 में नेपाल के रास्ते कथित तौर पर अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था। इसके बाद भारत में उसके रहने, पहचान से जुड़े दस्तावेज हासिल करने और स्थानीय स्तर पर संपर्क स्थापित करने में किन लोगों ने मदद की, इसकी जांच की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की भी इस मामले पर नजर है। रिपोर्टों के मुताबिक, एनआईए ने पश्चिम बंगाल एसटीएफ से जांच में सामने आई जानकारियां मांगी हैं। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर कथित नेटवर्क के अन्य संपर्कों और गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल एसटीएफ की जांच जारी है। जफर शम्स उर्फ सनी पर लगाए गए आरोप जांच का हिस्सा हैं और अदालत में इनकी पुष्टि होना बाकी है। एजेंसियां उसके कथित नेटवर्क में जुड़ाव और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही हैं।----------
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा