
एमस्टेलवीन (नीदरलैंड्स), 19 अगस्त (हि.स.)। भारतीय महिला टीम गुरुवार को एमस्टेलवीन में एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 के पहले चरण के अपने अंतिम मैच में इंग्लैंड से भिड़ते हुए पूल डी में शीर्ष स्थान हासिल करने की कोशिश करेगी। सेमीफाइनल में पहुंचने की दौड़ में बने रहने के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है।
भारतीय टीम फिलहाल पूल डी में दो मैचों में चार अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। उसके अंक चीन के बराबर हैं, लेकिन गोल अंतर के आधार पर भारत उससे आगे है। दोनों टीमों के बीच पहला मैच 2-2 से ड्रॉ रहा, जिसके बाद सलीमा टेटे की अगुवाई वाली भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से करारी शिकस्त दी। इंग्लैंड की महिला टीम तीन अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है और टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी बनाए हुए है।
मुकाबले से पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच सोर्ड मारिन ने कहा कि यह एक रोमांचक मैच होगा। पिछली बार हम उनसे (एफआईएच विश्व कप क्वालीफायर में) हार गए थे और अब यह देखना होगा कि हमने कितनी प्रगति की है और क्या हम उनके करीब पहुंच पाए हैं।
हॉकी इंडिया के अनुसार दक्षिण अफ्रीका पर जीत का एक सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू यह था कि गोल करने की जिम्मेदारी सभी भारतीय खिलाड़ियों में समान रूप से बंटी हुई थी, जिसमें छह अलग-अलग भारतीय खिलाड़ियों ने गोल दागे। इससे इंग्लैंड के खिलाफ उच्च दबाव वाले मुकाबले की तैयारी कर रही भारतीय टीम को और भी प्रोत्साहन मिलता है।
भारत के युवा खिलाड़ियों का उभरना भी उनके अभियान की एक खास बात रही है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ स्कोर करने वालों में साक्षी राणा और सुनेलिता टोप्पो शामिल थीं, जो इस बात का संकेत है कि टीम की अगली पीढ़ी बड़े मंच पर अपनी जगह बनाना शुरू कर रही है। उनकी प्रगति में नेहा, नवनीत कौर, सुशीला चानू जैसी खिलाड़ियों के अनुभव और वर्तमान प्रदर्शन का भी योगदान रहा है।
हॉकी इंडिया के मुताबिक कप्तान सलीमा के नेतृत्व में भारत ने यह साबित कर दिया है कि वे टूर्नामेंट की चुनौतियों के अनुरूप ढलने में सक्षम हैं और साथ ही अपने आक्रामक इरादे को भी बरकरार रखते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह