मप्र में कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बड़ा कदम, आरआरयू के साथ हुआ अहम एमओयू

21 Aug 2026 12:33:53
ज्ञापन समझौता दिखाते जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर और डॉ. नूरिन चौधरी


समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते हुए


मप्र जेल विभाग की टीम और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के अधिकारियों की ग्रुप फोटो


- मास्टर ट्रेनर्स तैयार कर प्रदेश की जेलों में विकसित किया जाएगा साइको-सोशल काउंसलिंग का सुदृढ़ तंत्र

भोपाल, 21 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की जेलों में निरुद्ध मानसिक रूप से बीमार एवं तनावग्रस्त बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य और सुधार की दिशा में जेल विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर की विशेष पहल पर मध्य प्रदेश जेल विभाग और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू), गांधीनगर, गुजरात के बीच साइको-सोशल काउंसलिंग के क्षेत्र में सहयोग के लिए ज्ञापन समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

जनसंपर्क अधिकारी राजेश दाहिमा ने शुक्रवार को बताया कि जेल मुख्यालय, भोपाल में आयोजित एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने प्रदेश की जेलों में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं मानसिक सुधार को प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय द्वारा संचालित साइको-सोशल काउंसलिंग योजना का अध्ययन किया। इसके बाद आरआरयू के विषय विशेषज्ञों को क्षेत्रीय जेल प्रबंधन एवं शोध संस्थान, भोपाल आमंत्रित कर 06 जुलाई से 12 जुलाई तक सात दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश की विभिन्न जेलों के 28 अधिकारी-कर्मचारियों, जिनमें मेलनर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, मुख्य प्रहरी एवं प्रहरी शामिल थे, को मानसिक तनाव से जूझ रहे बंदियों की पहचान एवं काउंसलिंग के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा संबंधित जेलों में जाकर तनावग्रस्त बंदियों की काउंसलिंग की गई। जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर द्वारा इस पहल के संबंध में प्राप्त फीडबैक एवं परिणामों की समीक्षा की गई, जिसमें बंदियों के मानसिक सुधार की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आए। इसके बाद साइको-सोशल काउंसलिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं संस्थागत स्वरूप देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ एमओयू का मसौदा तैयार किया गया।

एमओयू के तहत जेल विभाग द्वारा चयनित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर भेजकर मास्टर ट्रेनर कोर्स कराया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये अधिकारी-कर्मचारी जेल विभाग में मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करते हुए अन्य जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइको-सोशल काउंसलिंग का प्रशिक्षण देंगे। इससे प्रदेश की जेलों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को समझने, तनावग्रस्त बंदियों की पहचान करने और उन्हें आवश्यक मनो-सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होगा।

जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि इस पहल के प्रथम चरण में केन्द्रीय जेल भोपाल में जेल विभाग का पहला साइको-सोशल काउंसलिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अनुभव एवं परिणामों के आधार पर इस कार्ययोजना को प्रदेश की अन्य जेलों में भी चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बंदियों को केवल कारावास तक सीमित न रखते हुए उनके मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन एवं सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि सुधारात्मक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

मध्य प्रदेश जेल विभाग की यह पहल सुधारात्मक सेवाओं को मानवीय दृष्टिकोण से और सशक्त बनाने तथा जेलों में निरुद्ध बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास के लिए प्रभावी संस्थागत व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर विशेष महानिदेशक जी. अखेतो सेमा, उप महानिरीक्षक (कल्याण) एम.आर. पटेल, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर, गुजरात की ओर से डॉ. नूरिन चौधरी (एक्टिंग डायरेक्टर), डॉ. गीतेश कुमार सिंह (प्रोजेक्ट डायरेक्टर), प्रदीप रूसिया (असिस्टेंट डायरेक्टर), तनु पी. चंदेल, शुभम जैन सहित जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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