

जबलपुर, 23 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश पुलिस की महिला आरक्षक वर्षा पटेल ने अपने साहस, मेहनत और दृढ़ संकल्प से देश का नाम रोशन किया है। जबलपुर पुलिस में आरक्षक के पद पर तैनात वर्षा पटेल ने यूरोप की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
वर्षा ने रविवार को मीडिया को जारी अपने बयान में बताया कि ''एल्ब्रस अभियान की शुरुआत 11 अगस्त को हुई थी. अभियान के दौरान खराब मौसम, बर्फीली हवाओं और कड़ाके की ठंड के कारण पर्वतारोहियों को कई दिनों तक शिखर की ओर बढ़ने के लिए अनुकूल मौसम का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद 20 अगस्त को मौसम में सुधार के बाद टीम ने अंतिम चढ़ाई शुरू की। बेहद कठिन परिस्थितियों के बीच वर्षा ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने 21 अगस्त की सुबह 9 बजकर 7 मिनट पर वर्षा ने 5,642 मीटर यानी करीब 18,510 फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर भारत का राष्ट्रीय ध्वज और मध्य प्रदेश पुलिस का झंडा लहराया।
उन्होंने बताया कि एनएसवाई आउटडोर्स के तत्वावधान में प्रसिद्ध पर्वतारोही नरेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में यह अंतरराष्ट्रीय अभियान पूरा किया गया। इस दौरान टीम को रूस में भीषण ठंड, तूफानी हवाओं और खराब परिस्थितियों जैसी गंभीर मौसम संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ा।
हासिल किए हैं 10 से अधिक पदक
जबलपुर के गढ़ा क्षेत्र निवासी गौरी शंकर पटेल की बेटी वर्षा को बचपन से ही खेलकूद और पर्वतारोहण में विशेष रुचि रही। वह बेसबॉल की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी रह चुकी हैं और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 10 से अधिक पदक हासिल कर चुकी हैं। खेल के मैदान से शुरू हुआ उनका सफर धीरे-धीरे पहाड़ों तक पहुंचा। पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी उनका अनुभव है। वर्ष 2024 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट कोज़ियास्को पर तिरंगा फहराया था। वह ऐसा करने वाली मध्य प्रदेश पुलिस की पहली महिला आरक्षक बनी थीं।
वर्षा पटेल का मुख्य लक्ष्य दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर विजय प्राप्त कर 'सेवन समिट्स' (सात शिखर) अभियान पूरा करना है। माउंट एल्ब्रुस की सफलता के बाद, उनका अगला ध्यान अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को फतह करने पर है। उनका मानना है कि पर्वतारोहण के माध्यम से वह तिरंगे को दुनिया की ऊंचाइयों तक पहुंचाना चाहती हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर