

नई दिल्ली, 24 अगस्त (हि.स.)। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। पिछले दो दिनों से सुबह के दौरान कहीं-कहीं पर हो रही मध्यम बारिश ने दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी से राहत तो दिलाई है लेकिन आमजन की मुसीबतें भी बढ़ाई हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को भी हल्की से मध्यम बारिश होने की चेतावनी दी है। यहां लगातार बादलों की आवाजाही और सुबह के दौरान हो रही बारिश से मौसम सुहावना तो हो गया है लेकिन राजधानी और आसपास के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़कों पर जलभराव होने से पैदल चलने वालों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव का सबसे बड़ा असर दिल्ली-एनसीआर की यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। बारिश शुरू होते ही प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर गाड़ियों की रफ्तार थम जाती है।
दफ्तर आने वाले कर्मचारियों को जहां सामान्य दिनों में 1-2 घंटे का समय लगता है, वहीं आज जलभराव और ट्रैफिक जाम के कारण उन्हें 3-4 घंटे का लंबा और थकाऊ सफर तय करना पड़ रहा है। इस दौरान लोगों को ट्रैफिक जाम के अलावा, सार्वजनिक परिवहन के साधनों की भारी किल्लत का भी सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान कैब और ऑटो मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही ऐप-आधारित कैब एग्रीगेटर द्वारा की जाने वाली 'सरचार्ज' या 'डायनामिक प्राइसिंग' के कारण यात्रियों से दोगुना तक किराया वसूलते हैं।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली-एनसीआर में मानसून और श्रावण मास के दौरान जलभराव तथा ट्रैफिक जाम की समस्या नई नहीं है। हर बार थोड़ी सी बारिश में ही शहर की जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी