
नई दिल्ली, 24 अगस्त (हि.स.)। केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि केमिकल्स और पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र को 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर का उद्योग बनाया जाएगा। उन्होंने इसके लिए नवाचार अनुसंधान और घरेलू निर्माण को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। सोमवार को भारत मंडपम में केमिकल्स और पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र पर आयोजित ग्लोबल सीईओ राउंडटेबल की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि बैठक में भारत और दुनिया के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ देश के केमिकल्स एवं पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र की विकास गति तेज करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि
बैठक में भारत के केमिकल्स और पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र को 2040 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तक पहुंचाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
जेपी नड्डा ने
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए निवेश को बढ़ावा देने, घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने, नवाचार एवं अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहित करने तथा कारोबार सुगमता में सुधार पर जोर दिया गया।
इसके अलावा बैठक में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और मजबूत वैल्यू चेन विकसित करने की दिशा में भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
उद्योग जगत को भारत में निवेश और साझेदारी बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा गया कि निजी क्षेत्र ‘विकसित भारत@2047’ के विजन को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के दिग्गजों से मिले जेपी नड्डाग्लोबल सीईओ राउंडटेबल ऑन केमिकल्स एंड पेट्रोकेमिकल्स के इतर जेपी नड्डा ने फूजी फिल्म इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर कोजी वाडा, ट्रोनोक्स के सीईओ जॉन डी. रोमानो और बीएएसएफ इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं भारत में बीएएसएफ समूह की कंपनियों के प्रमुख अलेक्जेंडर गर्डिंग से मुलाकात की।
जेपी नड्डा ने एक्स पर साझा किए अपने संदेश में बताया कि
बैठक के दौरान भारत में इन कंपनियों की मौजूदा मौजूदगी और भविष्य की योजनाओं पर सार्थक चर्चा हुई। इसके साथ भारत में अधिक निवेश की संभावनाओं, तकनीक एवं नवाचार तथा देश के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करने के अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में सरकार की ओर से उद्योगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और भारत में प्रतिस्पर्धी, नवाचार-आधारित तथा निवेश-अनुकूल कारोबारी माहौल को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
सरकार का जोर रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने, अत्याधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में और मजबूत करने पर है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी