सब्सक्रिप्शन के लिए खुला सिंबायोटेक का आईपीओ, एक सितंबर को हो सकती है लिस्टिंग

24 Aug 2026 15:13:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 24 अगस्त (हि.स.)। फार्मास्युटिकल और बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी सिंबायोटेक फार्मालैब का 1,757 करोड़ का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 27 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 28 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 31 अगस्त को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर एक सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद शाम तीन बजे तक ये आईपीओ 67 प्रतिशत सब्सक्राइब हो चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 938 रुपये से लेकर 988 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 15 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 15 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,820 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,92,660 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 195 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत दो रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,77,86,442 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 150 करोड़ रुपये के 15,21,261 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि लगभग 1,607 करोड़ रुपये के 1,62,65,181 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 49.91 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 34.93 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.97 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा कंपनी के एंप्लॉयीज के लिए 0.19 प्रतिशत हिस्से को रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

सिंबायोटेक फार्मालैब की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद मजबूत बनी रही है। कंपनी के शुद्ध लाभ में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 100.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 96.79 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़ कर 109.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 723.33 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 755.98 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 872.26 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 247.21 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 540.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घट कर 387.91 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 709.54 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 810.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 1,145.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 720.68 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 821.15 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 1,158.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 177.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 206.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 321.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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