'कोएलिशन ऑफ विलिंग' यूक्रेन में संघर्ष खत्म होने में देरी कर रहा : क्रीमियाई संसद प्रमुख

26 Aug 2026 17:21:53
क्रीमिया संसद के अध्यक्ष व्लादिमीर कोन्स्टेंटिनोव (फाइल फाेटाे)


सिम्फ़रोपोल, 26 अगस्त (हि.स./रिया नोवोस्ती)। क्रीमियाई संसद के प्रमुख व्लादिमीर कोंस्टेंटिनोव ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन में सैन्य टुकड़ी तैनात करने की योजना से जुड़ी घोषणाओं के जरिए तथाकथित 'कोएलिशन ऑफ विलिंग' यूक्रेन में जारी संघर्ष को खत्म होने में देरी कर रहा है। उन्होंने कहा कि इससे संभावित शांति समझौते की राह भी मुश्किल हो रही है।

कोंस्टेंटिनोव ने रूसी समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती से बातचीत में कहा कि गठबंधन की ओर से यूक्रेन में सैनिक भेजने की बात संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों में बाधा डालने का एक तरीका है। उनके मुताबिक, पश्चिमी देशों की ओर से सैनिकों की तैनाती की चर्चा का उद्देश्य कथित तौर पर यूक्रेन में युद्ध जारी रखना है।

इस बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने सोमवार को कहा कि 'कोएलिशन ऑफ विलिंग' यूक्रेन में संभावित तैनाती के लिए सैनिकों को तैयार करने के उद्देश्य से सैन्य अभ्यास करेगा। प्रस्ताव के मुताबिक, युद्धविराम समझौता होने के तुरंत बाद इन सैनिकों को यूक्रेन में तैनात किया जा सकता है।

कोंस्टेंटिनोव ने हालांकि दावा किया कि वास्तव में किसी देश की ओर से सैनिकों को यूक्रेन भेजने की ठोस योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि सैन्य तैनाती की चर्चा के जरिए पश्चिमी देश अपने कथित व्यापक रणनीतिक उद्देश्यों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

'कोएलिशन ऑफ विलिंग' में 30 से अधिक देश शामिल हैं। यह पहल फ्रांस और ब्रिटेन के नेतृत्व में शुरू की गई थी और इसका उद्देश्य यूक्रेन के लिए संभावित सुरक्षा व्यवस्था तैयार करना है।

वहीं, रूस के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन में नाटाे सदस्य देशों के सैनिकों की संभावित तैनाती का विरोध किया है। मंत्रालय का कहना है कि ऐसी किसी भी तैनाती से क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ सकता है। रूस पहले भी ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों की ओर से यूक्रेन में गठबंधन सैनिकों की संभावित तैनाती को संघर्ष को जारी रखने के लिए उकसावे के तौर पर पेश कर चुका है।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

Powered By Sangraha 9.0