
सियोल, 26 अगस्त (हि.स.)। अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान इस साल होने वाले त्रिपक्षीय 'फ्रीडम एज' संयुक्त सैन्य अभ्यास की तैयारी कर रहे हैं। अमेरिकी पैसिफिक कमांड (पीएसीओएम) ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपने कुछ संयुक्त सैन्य अभ्यासों का दायरा कम किया है।
दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप
काे पीएसीओएम की प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कमांडर क्लो मॉर्गन ने बताया कि अमेरिकी पैसिफिक कमांड जापान सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज और दक्षिण कोरियाई सशस्त्र बलों के साथ मिलकर 'फ्रीडम एज 2026' की तैयारी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यह एक प्रमुख मल्टी-डोमेन अभ्यास होगा, जिसका उद्देश्य तीनों देशों के बीच साझा मूल्यों को मजबूत करना, सैन्य तालमेल बढ़ाना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता के लिए रक्षा सहयोग को और मजबूत करना है।
हालांकि, अमेरिकी कमांड ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस साल का अभ्यास पिछले तीन संस्करणों की तरह ही बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा या इसके आकार और अवधि में बदलाव किया जाएगा।
'फ्रीडम एज' अभ्यास अगस्त 2023 में अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के नेताओं के बीच हुए कैंप डेविड शिखर सम्मेलन के प्रमुख परिणामों में से एक था। इसका उद्देश्य तीनों देशों के बीच त्रिपक्षीय सुरक्षा सहयोग को और संस्थागत रूप देना था।
इस साल के अभ्यास पर विशेष नजर है क्योंकि ट्रंप प्रशासन के निर्देश के बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपने द्विपक्षीय 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' अभ्यास की अवधि और पैमाने को कम कर दिया है। ट्रंप ने पहले ऐसे अभ्यासों को उत्तर कोरिया के लिए संभावित रूप से अनुचित और शत्रुतापूर्ण संदेश देने वाला बताया था।
उत्तर कोरिया अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यासों का लगातार विरोध करता रहा है। प्योंगयांग इन अभ्यासों को हमले की तैयारी के तौर पर देखता है और सहयोगी देशों के इस दावे को खारिज करता है कि ये केवल रक्षात्मक प्रकृति के हैं।
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने पहले ऐसे सैन्य अभ्यासों को गैर-जिम्मेदाराना ताकत प्रदर्शन बताया था और इसके गंभीर परिणामों की चेतावनी दी थी।
वहीं, वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष पाक जोंग-चोन ने पिछले साल सितंबर में 'फ्रीडम एज' को आक्रामकता की तैयारी से जुड़ा युद्धाभ्यास बताते हुए कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
'फ्रीडम एज' के पिछले अभ्यास दक्षिण कोरिया के दक्षिणी द्वीप जेजू के आसपास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में आयोजित किए गए थे। इस वर्ष अभ्यास का वास्तविक आकार, अवधि और संचालन क्षेत्र अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी