रक्षा आधुनिकीकरण आत्मनिर्भर भारत-सशक्त सेना और नए भारत के पराक्रम का प्रतीक : मोहन यादव

27 Aug 2026 19:35:53
जबलपुर में टी-सीरीज टैंक के 472 करोड़ रुपये के ओव्हरहॉल प्रोजेक्ट के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री


जबलपुर में टी-72 टैंक ओवरहॉल परियोजना का भूमिपूजन करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह


जबलपुर में टी-72 टैंक ओवरहॉल परियोजना का भूमिपूजन करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह


- रक्षा मंत्री की उपस्थिति में जबलपुर में हुआ टी-सीरीज टैंक के 472 करोड़ रुपये के ओव्हरहॉल प्रोजेक्ट के भूमि-पूजन

भोपाल, 27 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड के माध्यम से प्रदेश को मिली बड़ी सौगात के बाद अब जबलपुर में आरंभ हो रही टी-सीरीज टैंक ओव्हरहॉल परियोजना देश की रक्षा क्षमता को और मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना सिर्फ रक्षा आधुनिकीकरण नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत, सशक्त सेना और नए भारत के पराक्रम का प्रतीक भी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में जबलपुर स्थित व्हीकल फैक्ट्री में टी सीरिज टैंक ओव्हरहॉल परियोजना के भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के सतत प्रयासों से भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। रक्षामंत्री सिंह का संकल्प वज्र के समान अडिग है। उनके नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर दुनिया को नए भारत की शक्ति और पराक्रम का परिचय दिया है। रक्षामंत्री सिंह केवल लक्ष्य तय नहीं करते, बल्कि उन्हें हासिल करने का विश्वास भी देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन से एक दिन पहले जबलपुर की धरती से बॉर्डर की रक्षा के लिए नए प्रकल्प की शुरुआत हो रही है। आज जबलपुर को लगभग 475 करोड़ से अधिक लागत की नई परियोजना की सौगात मिली है। टी-सीरीज टैंक के ओव्हरहॉल प्रोजेक्ट के माध्यम से भारतीय सेना नए दौर में प्रवेश कर रही है। जबलपुर की आर्मर्ड फैक्ट्री ने अपने काम के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। भविष्य में आने वाली चुनौतियों के चलते सेना को मजबूत बनाने के लिए मध्य प्रदेश स्थित अलग-अलग फैक्ट्रियों से उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

रक्षा क्षेत्र में निवेश से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को लगातार रक्षा क्षेत्र में नई सौगातें मिल रही हैं। भोपाल में बीईएमएल के माध्यम से महत्वपूर्ण परियोजना मिली है। प्रदेश में वंदे भारत सहित विभिन्न प्रकार के कोचों के निर्माण की दिशा में भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में निवेश से मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

निवेश से बढ़ रहे रोजगार के अवसर

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश की आर्थिक समृद्धि को गति देना है। हाल ही में मालनपुर में लगभग 450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली गोदरेज फैक्ट्री का लोकार्पण किया गया है। अब रक्षा क्षेत्र में पौने पांच सौ करोड़ रुपये की परियोजना की सौगात मिली है। इससे प्रदेश में निवेश की नई संभावनाएं बढ़ रही हैं।

हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश शिक्षा, चिकित्सा, अधोसंरचना और निवेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश से 74 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होना इस प्रगति का महत्वपूर्ण उदाहरण है। मध्य प्रदेश भविष्य के विकसित भारत के निर्माण में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार औद्योगीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश की गंगा बह रही है, जो हमारे लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलेगी। कल ही मालनपुर, भिंड में गोदरेज समूह के कारखाने का लोकार्पण किया गया है। मध्य प्रदेश शिक्षा, रोजगार, निवेश सहित हर क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश का विदेशी निर्यात बहुत बढ़ा है। यह प्रदेश की आर्थिक समृद्धि की दिशा में बड़ी छलांग है।

यूसीसी से हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्म के लोगों को मिलेंगे समान अवसर और अधिकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश उन बड़े राज्यों में से एक है, जिसने समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए विधानसभा में विधेयक पास किया है। यूसीसी से हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्म के लोगों को समान अवसर और अधिकार मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती, राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के कारण जबलपुर की विरासत अत्यंत गौरवशाली रही है। रानी दुर्गावती ने अपनी वीरता और यु्द्ध कौशल के बल पर अनेकों लड़ाइयां जीती थीं। लेकिन नई तकनीक के कारण जीत का यह सिलसिला थम गया और रानी दुर्गावती ने अपने राज्य के लिए संघर्ष करते हुए बलिदान दिया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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