
- अहमदाबाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में ‘फार्मिनोवा पुरस्कार’ समारोह आयोजित
अहमदाबाद, 28 अगस्त (हि.स.)। अहमदाबाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में स्वर्गीय रजनी पटेल की स्मृति में ‘फार्मिनोवा पुरस्कार’ समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अमित शाह ने औषधि क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और नए विचारों को प्रोत्साहित करने वाली इस पहल की सराहना की। उन्होंने स्वर्गीय रजनी पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए औषधि क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।
अमित शाह ने कहा कि भारत को औषधि क्षेत्र में केवल उत्पादन के मामले में ही नहीं, बल्कि अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनना जरूरी है। स्वर्गीय रजनी पटेल ने वर्षों पहले इस आवश्यकता को समझते हुए अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य कर रहे विद्यार्थियों और उनके मार्गदर्शकों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार की परंपरा शुरू की थी।
उन्होंने कहा कि शोधकर्ताओं को केवल आर्थिक सहायता देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज और उद्योग जगत में उनकी प्रतिभा को पहचान और प्रोत्साहन मिलना भी आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 12 वर्षों में अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। देश के विकास में सरकार, उद्योग, शोधकर्ता, युवा और नागरिकों को अपनी-अपनी भूमिका निभानी होगी।
कोरोना काल में भारत ने दुनिया तक पहुंचाई दवाएं और टीके
कोरोना महामारी का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जनता ने मिलकर कार्य किया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारत ने कोरोना के टीके का उत्पादन किया और दुनिया के अनेक देशों तक टीके पहुंचाकर मानवता की सेवा की।
उन्होंने कहा कि कोरोना से पहले भारत में सुरक्षा पोशाक और विशेष मास्क का उत्पादन बहुत सीमित था, लेकिन चुनौती को अवसर में बदलते हुए भारत कुछ ही समय में इनके बड़े उत्पादकों और निर्यातकों में शामिल हो गया।
सरकारी योजनाओं से औषधि क्षेत्र को मिल रहा प्रोत्साहन
अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार ने औषधि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना, थोक औषधि उद्यान, चिकित्सा उपकरण उद्यान तथा अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने वाली विभिन्न योजनाएं लागू की हैं।
उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण औषधीय सामग्री, कच्चे माल और चिकित्सा उपकरणों का देश में ही उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इससे भारत में विश्वस्तरीय औषधि उत्पादन व्यवस्था विकसित हो रही है।
अमित शाह ने कहा कि भारतीय औषधि क्षेत्र देश की राष्ट्रीय रणनीतिक संपत्ति है। भारत 150 से अधिक देशों तक दवाएं पहुंचाकर अपनी क्षमता साबित कर चुका है। अब उत्पादन के साथ-साथ अनुसंधान और नवाचार में भी भारत को विश्व का नेतृत्व हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
नई औषधि पहुंच प्रणाली में भारत के लिए व्यापक संभावनाएं
अमित शाह ने नई औषधि पहुंच प्रणाली जैसे क्षेत्रों में हो रहे अनुसंधान का स्वागत करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में भारत के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। अधिक से अधिक उद्योग, शोधकर्ता और नवोदित उद्यम इस क्षेत्र से जुड़ें तो भारत विश्व स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने युवा शोधकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि असफलता के बिना सफलता संभव नहीं है। असफलता से निराश हुए बिना लगातार प्रयास और अनुसंधान के प्रति प्रतिबद्धता ही युवाओं को सफलता की ओर ले जाएगी।
समारोह में औषधि क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले पीएचडी शोधार्थियों तथा उनके मार्गदर्शकों को ‘फार्मिनोवा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
अमित शाह ने सभी पुरस्कार विजेताओं और उनके मार्गदर्शकों को बधाई देते हुए औषधि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर अनुसंधान और नवाचार करते रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि 2047 में देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को प्रत्येक क्षेत्र में विश्व में अग्रणी बनाने का संकल्प है। इस लक्ष्य को हासिल करने में अनुसंधान, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और औषधि क्षेत्र के युवाओं एवं उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
कार्यक्रम के प्रारंभ में ट्राइको फार्मा कंपनी के अध्यक्ष डॉ. केतन पटेल ने स्वागत भाषण दिया और पुरस्कार की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर मिलन पटेल, असील पटेल सहित औषधि एवं बैंकिंग क्षेत्र के अग्रणी लोग, पुरस्कार विजेता शोधार्थी और उनके मार्गदर्शक उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे