नेपाल में बाढ़ पर खरगे ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को लिखा पत्र, तत्काल राहत और भारतीयों की सुरक्षित वापसी की मांग

29 Aug 2026 12:50:53
काँग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे


नई दिल्ली, 29 अगस्त (हि.स.)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से पैदा हुए हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दो पत्र लिखा हैं। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल कदम उठाने तथा प्रभावित नेपाली लोगों को मानवीय एवं राहत सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। वहीं, गृह मंत्री को लिखे अलग पत्र में उन्होंने नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर जरूरत के अनुसार राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें भेजने और बचाव, निकासी तथा राहत अभियान में सहयोग देने की मांग की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शुक्रवार को लिखे पत्र में खरगे ने नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बाढ़ के कारण 500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और करीब 1,000 लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि इस आपदा के कारण हजारों लोग भोजन, दवाओं और आश्रय जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री से अपील की कि नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर प्रभावित लोगों को पर्याप्त मानवीय और राहत सहायता उपलब्ध कराने को सुनिश्चित किया जाए। इस मुश्किल समय में नेपाल के लोगों को हर संभव सहायता मिलनी चाहिए।

उन्होंने नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को लेकर भी चिंता जताई। पत्र में कहा कि बाढ़ के कारण भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोग नेपाल के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं। खरगे ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर बचाव और सुरक्षित निकासी के प्रयास तेज करने का आग्रह किया।

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि फंसे हुए भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षित और जल्द से जल्द भारत वापसी के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जाने चाहिए। उन्होंने विदेश मंत्रालय की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि नेपाल में 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

वहीं, गृह मंत्री अमित शाह को लिखे अलग पत्र में खरगे ने नेपाल में बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर लोगों के प्रभावित होने, घरों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने तथा लोगों के विस्थापित होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल की जनता के बीच गहरे और स्थायी संबंध हैं। ऐसे में इस संकट की घड़ी में भारत को नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।

मल्लिकार्जुन खरगे ने गृह मंत्री से नेपाल को तत्काल और व्यापक मानवीय तथा आपदा राहत सहायता उपलब्ध कराने पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर जहां भी जरूरत हो, वहां एनडीआरएफ की टीमें भेजी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ के पास प्राकृतिक आपदाओं से निपटने तथा राहत और बचाव अभियान चलाने की विशेषज्ञता और अनुभव है। ऐसे में उसकी टीमें नेपाल में बचाव, लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्यों में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान कर सकती हैं।

मल्लिकार्जुन खरगे ने गृह मंत्री से कहा कि नेपाल में उत्पन्न स्थिति को देखते हुए भारत सरकार को इस मानवीय संकट की गंभीरता और तात्कालिकता के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए। प्रभावित लोगों तक भारत की ओर से आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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