
नई दिल्ली, 29 अगस्त (हि.स.)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को स्पष्ट किया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी में उनकी रैली के बाद हुए कथित 'शुद्धिकरण' कार्यक्रम के मुद्दे पर पार्टी से नाराजगी नहीं जताई थी बल्कि पार्टी के कुछ नेताओं से समर्थन नहीं मिलने पर निराशा जाहिर की थी।
राहुल गांधी ने शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान 19 अगस्त को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में इस मुद्दे से जुड़े सवाल के जवाब में कहा कि खरगे ने पार्टी से नाराजगी नहीं जताई थी बल्कि उन्होंने कुछ नेताओं के समर्थन नहीं करने पर उन नेताओं से निराशा जाहिर की थी।
उन्होंने कहा कि खरगे ने ऐसा नहीं कहा था कि कांग्रेस में बहुतायत में नेताओं ने उनका समर्थन नहीं किया। उनके साथ पार्टी के अधिकतर लोगों ने उनका समर्थन किया। बैठक में खरगे ने कहा था कि उन्हें महसूस हुआ कि कुछ लोगों के एक समूह ने उनका समर्थन नहीं किया।
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 19 अगस्त को सीडब्ल्यूसी की बैठक में हल्द्वानी में उनके दौरे के बाद हुए 'शुद्धिकरण' कार्यक्रम को लेकर पार्टी के कुछ नेताओं की चुप्पी पर निराशा जताई थी। खरगे ने कहा था कि उन्हें इस बात का दुख हुआ कि सीडब्ल्यूसी के कई सदस्यों ने इस मुद्दे पर खुलकर उनका समर्थन नहीं किया और न ही इसकी निंदा की।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे 8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी गए थे। उनके दौरे के बाद वहां कथित तौर पर 'शुद्धिकरण हवन' कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि इस कार्यक्रम के आयोजकों का भारतीय जनता पार्टी से संबंध है और इसे जातिवादी सोच का उदाहरण बताया था। हालांकि, भाजपा ने इस कार्यक्रम से खुद को अलग कर लिया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर