
- विगत वर्ष की तुलना में दोगुनी से भी अधिक संख्या पहुंचे श्रद्धालु
भोपाल/उज्जैन, 29 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में इस वर्ष श्रावण मास के दौरान उज्जैन जिला स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है। एक माह के दौरान भगवान महाकाल के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा पहली बार डेढ़ करोड़ के पार दर्ज किया गया है। मंदिर समिति को इस दौरान शीघ्र दर्शन टिकटों और लड्डू प्रसादी की बिक्री से करोड़ों रुपये की रिकॉर्ड आय प्राप्त हुई है।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, श्रावण मास में कुल 1 करोड़ 53 लाख 75 हजार श्रद्धालु महाकाल की शरण में पहुंचे, जो वर्ष 2025 में दर्ज 72 लाख श्रद्धालुओं की तुलना में दोगुनी से भी अधिक संख्या है। मुख्य मंदिर में 1 करोड़ 10 लाख 90 हजार 725 श्रद्धालुओं ने सामान्य दर्शन किए, जबकि 43 लाख 75 हजार श्रद्धालु चार प्रमुख सवारियों और नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान 5 लाख से अधिक कावड़ यात्रियों का भी आगमन हुआ, जिनमें से 2 लाख 71 हजार से अधिक कावड़ियों के लिए 5 स्थानों पर भोजन की व्यवस्था की गई और 10 हजार श्रद्धालुओं को निःशुल्क चरण पादुकाएं वितरित की गईं। इसके अलावा 3 लाख 41 हजार से अधिक भक्तों ने अन्नक्षेत्र में भोजन प्रसादी ग्रहण की।
मंदिर की आय में भी बड़ा इजाफा
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने और मंदिर की आय में भी बड़ा इजाफा देखा गया है। सावन महीने में 5 लाख 66 हजार 350 भक्तों ने शीघ्र दर्शन व्यवस्था का लाभ लिया, जिससे मंदिर प्रबंध समिति को 14 करोड़ 22 लाख 37 हजार 500 रुपये की आय हुई। वहीं 2 लाख 18 हजार 662 क्विंटल लड्डू प्रसादी की बिक्री से मंदिर को 10 करोड़ 32 लाख 73 हजार रुपये प्राप्त हुए।
इस बार तीन प्रमुख नई पहल
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार तीन प्रमुख नई पहल भी कीं। अन्नक्षेत्र में हर मंगलवार और शुक्रवार को 'रस संगमम्' नाम से दक्षिण भारतीय व्यंजन की शुरुआत की गई, जिसमें इडली, वड़ा, सांभर और चावल परोसे गए और इसका लाभ पहले ही दिन 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने उठाया।
इसके साथ ही नागपंचमी पर पट खुलने के तीन दिन पहले 300 रुपये की दर से ऑनलाइन शीघ्र दर्शन बुकिंग शुरू की गई, जिससे पट खुलने से पूर्व ही मंदिर समिति को 39 लाख रुपये की आय हुई। वहीं, कावड़ यात्रियों के सुगम दर्शन के लिए मंगलवार से शुक्रवार के बीच गेट नंबर 1 और हरसिद्धि चौराहा से अलग प्रवेश व्यवस्था बनाई गई और सभामंडपम व कार्तिक मंडपम में पात्र रखकर जल अर्पण की सुविधा दी गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत