जुलाई में कैप्टिव व कमर्शियल कोयला खदानों का उत्पादन सालाना आधार पर 9.6 फीसदी बढ़ा

03 Aug 2026 16:21:53
कोयला खदानों के जारी लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 03 अगस्त (हि.स.)। देश के कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से कोयला उत्पादन और ढुलाई में वृद्धि जारी रही। इन कोयला खदानों के उत्पादन में जुलाई में सलाना आधार पर 9.61 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

कोयला मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में बताया कि जुलाई में भारत के कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खनन क्षेत्र में मजबूत बढ़त का सिलसिला जारी रहा और कोयले का उत्पादन 9.61 फीसदी बढ़कर 14.78 मिलियन टन (एमटी) पर पहुचं गया है, जो जुलाई 2025 की तुलना में कोयला उत्पादन में 9.61 फीसदी की वार्षिक वृद्धि है।

मंत्रालय ने कहा कि जुलाई में कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से कोयले की सप्लाई में भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला और यह 17.49 मिलियन टन तक पहुंच गई, जो खनन कार्य में सुधार और कोयले की कुशल निकासी को दर्शाता है।

कोयला मंत्रालय ने कहा कि उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी, कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खनन क्षेत्र में ऑपरेशनल क्षमता में सुधार, खनन उत्पादकता में वृद्धि और खनन क्षमताओं के बेहतर इस्तेमाल को दिखाती है। यह उत्साहजनक प्रदर्शन कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खनन क्षेत्र में परिचालन दक्षता के सुधार, खनन उत्पादकता में वृद्धि और खनन क्षमताओं के अधिक प्रभावी उपयोग का परिचायक है।

मंत्रालय ने कहा कि कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से उत्पादन में सतत वृद्धि के चलते आयातित कोयले पर निर्भरता में कमी आएगी, जिससे आपूर्ति शृंखला मजबूत होगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी, और देश की ऊर्जा सुरक्षा एवं औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण कच्चे माल में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। इससे सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को बल मिलने की उम्मीद है। साथ ही, मंत्रालय यह भी सुनिश्चित करेगा कि कोयला क्षेत्र देश की बढ़ती ऊर्जा एवं औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहे।

-------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

Powered By Sangraha 9.0