रानी अवंतीबाई लोधी ने राजाओं और जमीदारों को अंग्रेजों  के विरुद्ध संघर्ष के लिए प्रेरित किया : राजनाथ सिंह

30 Aug 2026 16:02:53
रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण करते राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का स्वागत करते पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह


लखनऊ, 30 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को लखनऊ में जिला लोधी क्षत्रिय राजपूत सभा द्वारा आयोजित समाराेह में 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। सभी अतिथियों ने वीरांगना की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं सबसे पहले वीरांगना अवंतीबाई लोधी को नमन करता हूँ। आज उनकी इस प्रतिमा का लोकार्पण करके मैं बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। 1857 में स्वतंत्रता के प्रथम संग्राम में उन्होंने जिस साहस के साथ अंग्रेजों का सामना किया, वह भारतीय इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय है। उन्होंने न केवल अंग्रेजों के विरुद्ध स्वयं हथियार उठाए, बल्कि आसपास के और भी राजाओं और जमींदारों को संघर्ष के लिए प्रेरित किया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि रानी अवंतीबाई लोधी ने अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में अपने राज्य की बागडोर संभाली और सुशासन के कीर्तिमान स्थापित किए। जब अंग्रेजों ने उनके राज्य को छलपूर्वक छीनने का प्रयास किया, तब उन्होंने झुकना स्वीकार नहीं किया। हमारे देश की वीरांगनाओं ने रणभूमि में भी अपना शौर्य दिखाया है और राजपाट में भी सुशासन के नए कीर्तिमान लिखे हैं। भारत की महिलाओं ने हर युग में अपनी क्षमता साबित की है। आज भारत की महिलाएं, सेना, पुलिस, विज्ञान, खेल, शिक्षा, प्रशासन और हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं। रानी अवंतीबाई का जीवन यह संदेश देता है कि अन्याय के सामने कभी नहीं झुकना चाहिए। कभी भी, किसी भी कीमत पर, आत्मसम्मान से समझौता नहीं करना चाहिए। और जब बात मातृभूमि की रक्षा की हो तो अपना सर्वस्व न्योछावर करने से भी नहीं डरना चाहिए।

उन्होंने कहा रानी अवंतीबाई लोधी की यह प्रतिमा केवल उनकी स्मृति को संजोने भर का माध्यम नहीं है। यह आने वाली पीढ़ियों को, उनके शौर्य, स्वाभिमान, नेतृत्व और बलिदान की कहानी बताने का माध्यम भी है। राजनाथ सिंह ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर से जुड़े पाँच स्थानों को ‘पंच तीर्थ’ के रूप में विकसित किया है। महू से लेकर मुंबई तक, लंदन से लेकर नागपुर और दिल्ली तक, बाबासाहब के जीवन से जुड़े ये स्थान आज प्रेरणा के तीर्थ बन चुके हैं।

रानी अवंतीबाई ने अपना जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया। अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि उनकी वीरता और उनके आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाएँ। मैं मानता हूँ कि यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। भारत की महिलाएं; सेना, पुलिस, विज्ञान, खेल, शिक्षा, प्रशासन और हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार का मानना है कि भारत अपने नायकों को पहचाने, उनका सम्मान करे, और उनकी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाए। हमारा प्रयास है कि अतीत की वीरता की कहानियों से वर्तमान को आत्मविश्वास मिले और भविष्य के लिए मार्गदर्शन मिले।

इस अवसर पर कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री बी एल वर्मा, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह और राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, भाजपा के प्रदेश महामंत्री शंकर लाल लोधी, लखनऊ भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी और जिलाध्यक्ष विजय मौर्य उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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