फेसबुक-इंस्टाग्राम पर ‘पोर्न ऐप’ के नाम से साइबर ठगी, मोबाइल का नियंत्रण लेकर उड़ाया जा सकता है पैसा

31 Aug 2026 14:42:53

नई दिल्ली, 31 अगस्त (हि.स.)। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोर्नोग्राफिक कंटेंट के नाम से प्रसारित किए जा रहे कुछ खतरनाक एंड्रॉयड ऐप मोबाइल फोन का नियंत्रण हासिल कर वित्तीय धोखाधड़ी कर सकते हैं। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई (एनसीटीएयू) ने लोगों को ऐसे ऐप और विज्ञापनों से सावधान रहने की सलाह दी है।

एनसीटीएयू के अनुसार, ‘नाइट प्ले’, ‘रीलूप’, ‘किस’, ‘विमो’, ‘रिवो’, ‘नेक्सो’ और ‘विक्स’ जैसे नामों तथा इनके समान अन्य नामों से ऐसे ऐप फेसबुक और इंस्टाग्राम के विज्ञापनों के जरिए फैलाए जा रहे हैं। विज्ञापनों पर क्लिक करने के बाद उपयोगकर्ताओं को अश्लील सामग्री वाली वेबसाइटों पर भेजा जाता है, जहां उन्हें ऐप की एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

एडवाइजरी के मुताबिक, ऐप इंस्टॉल होने के बाद वह अतिरिक्त एप्लिकेशन इंस्टॉल करने की अनुमति मांग सकता है। इसके अलावा एक्सेसिबिलिटी की अनुमति का दुरुपयोग कर यह उपयोगकर्ता के मोबाइल फोन पर नियंत्रण हासिल कर सकता है और बैकग्राउंड में चलता रह सकता है। कुछ ऐप फोन में वीपीएन भी इंस्टॉल कर सकते हैं, जिससे इंटरनेट ट्रैफिक हमलावरों के नियंत्रण वाले सर्वर के जरिए गुजर सकता है और उपयोगकर्ता का डेटा जोखिम में पड़ सकता है।

एनसीटीएयू ने लोगों को सलाह दी है कि वे ऐप केवल गूगल प्ले स्टोर या अन्य विश्वसनीय ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें और विज्ञापनों, वेबसाइटों या संदिग्ध लिंक से एपीके फाइल डाउनलोड न करें। अनजान ऐप को एक्सेसिबिलिटी की अनुमति नहीं देने, फोन में मौजूद अनजान ऐप की समीक्षा कर उन्हें हटाने, गूगल प्ले प्रोटेक्ट को सक्रिय रखने और एंड्रॉयड डिवाइस को अपडेट रखने की भी सलाह दी गई है। साथ ही बैंक खाते और यूपीआई लेन-देन की नियमित जांच करने को कहा गया है।

यदि फोन में ऐसा संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो गया है तो उसे हटाने के लिए फोन को सेफ मोड में रीस्टार्ट कर सेटिंग्स के ऐप्स सेक्शन से संदिग्ध ऐप को अनइंस्टॉल किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर एक्सेसिबिलिटी एक्सेस बंद करने और डिवाइस एडमिनिस्ट्रेटर की अनुमति हटाने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। यदि ऐप दोबारा इंस्टॉल हो जाए या हटाया न जा सके तो महत्वपूर्ण डेटा का बैकअप लेकर फोन को फैक्टरी रीसेट करने की सलाह दी गई है।

साइबर धोखाधड़ी या किसी संदिग्ध ऐप से संबंधित घटना होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम डॉय जीओवी डॉट इन पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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