बुंदेलखंड की तस्वीर बदलने वाली देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट : मंत्री सिलावट

31 Aug 2026 23:40:53
केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावित ग्रामीणों से संवाद करते हुए मंत्री सिलावट


- जल संसाधन मंत्री ने पुनर्वास स्थल पहुंचकर हितग्राहियों से किया संवाद, निर्माणाधीन मकानों निरीक्षण कर सुनी समस्याएं

भोपाल, 31 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का स्वप्न, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अथक प्रयास इस क्षेत्र के चहुंमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।

मंत्री सिलावट सोमवार को केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत पुनर्वास स्थल करौंदिया का भ्रमण कर पुनर्वासित परिवारों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने निर्माणाधीन मकानों का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं, प्राप्त मुआवजा एवं पुनर्वास राशि की जानकारी ली।

मंत्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू होने तथा पुनर्वास कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए भेजा है, ताकि पुनर्वास का कार्य जन अपेक्षाओं के अनुरूप हो और परियोजना का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूरा किया जा सके।

गौरतलब है कि बुंदेलखंड क्षेत्र के छतरपुर और पन्ना जिलों में केन-बेतवा लिंक परियोजना का जमकर विरोध हो रहा है। उचित मुआवजे की मांग को लेकर क्षेत्र के आदिवासी जल सत्याग्रह कर रहे हैं। इसी सिलसिले में मंत्री सिलावट सोमवार को क्षेत्र के भ्रमण पर पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण का आश्वास नदिया।

अनुसूचित जनजातीय परिवार के घर पहुंचकर मंत्री ने किया भोजन

मंत्री सिलावट ने अनुसूचित जनजाति के एक परिवार के घर पहुंचकर महिला उमा आदिवासी से आत्मीयता से पूछा कि भोजन में क्या बनाया है। महिला ने रोटी बनाए जाने की बात बताई। इस पर मंत्री ने परिवार के साथ बैठकर आम के अचार के साथ रोटी खाई। उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठकर प्राप्त मुआवजा एवं पुनर्वास राशि के संबंध में चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं।

पात्र हितग्राहियों को पुनर्वास पैकेज से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा

मंत्री सिलावट ने कहा कि जो भी व्यक्ति पात्र है, वो पुनर्वास पैकेज की राशि से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए तथा करौंदिया में पुनर्वासित परिवारों को सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं।

पुनर्वास स्थल पर बिजली, पेयजल और सड़क सुविधाओं का हो रहा विस्तार

मंत्री सिलावट ने बताया कि पुनर्वास स्थल पर बिजली के खंभे लगाने का कार्य प्रारंभ हो गया है। पेयजल व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए एक अतिरिक्त नलकूप कराया जाएगा। पुनर्वास स्थल पर बिजली, पेयजल, सड़क सहित सभी स्थायी मूलभूत सुविधाओं का विकास शीघ्र पूरा किया जाएगा।

महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों से किया संवाद

मंत्री सिलावट ने महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों से भी बातचीत की तथा उनके स्वास्थ्य और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पूरी सरकार पुनर्वासित परिवारों के साथ है। शासन-प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि विस्थापित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी नही हो।

दस जिलों को मिलेगा परियोजना का लाभ, शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील

मंत्री सिलावट ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रदेश के 10 जिले लाभान्वित होंगे और बुंदेलखंड के विकास को नई गति मिलेगी। परियोजना अंतर्गत मध्यप्रदेश के कुल 10 एवं उत्तर प्रदेश के कुल 4 जिले लाभान्वित होंगे, जिसमें 10.62 लाख हेक्टेयर प्रति वर्ष सिंचाई की सुविधा किसानों को मिलेगी। इससे 62 लाख लोगों के लिए पेयजल की सुविधा मिलेगी। साथ ही 103 मेगावॉट जल विद्युत एवं 27 मेगावॉट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक राजेश शुक्ला, कलेक्टर मृणाल मीना, एसपी रजत सकलेचा, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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