सब्सक्रिप्शन के लिए खुला पर्पल स्टाइल लैब्स का आईपीओ, सात सितंबर को हो सकती है लिस्टिंग

31 Aug 2026 20:53:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 31 अगस्त (हि.स.)। पर्नियाज पॉप अप शॉप की पैरेंट कंपनी पर्पल स्टाइल लैब्स लिमिटेड का 680 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में दो सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद तीन सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि चार सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर सात सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन इस आईपीओ को 12 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 546 रुपये से लेकर 575 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 26 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 26 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,950 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,94,350 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 338 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,18,26,086 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 75 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

पर्पल स्टाइल लैब्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार डांवाडोल बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 47.71 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 188.38 करोड़ रुपये स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध घाटा उछल कर 285.40 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 510.03 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 494 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को कुल 567.07 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 116.33 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 112.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ कर 371.40 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी इस अवधि में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 31.63 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 41.99 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में घट कर 30.37 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

Powered By Sangraha 9.0