शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ओडिशा में 5-7 अगस्त को होने वाली ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक में लेंगे भाग

04 Aug 2026 19:25:53

नई दिल्ली, 04 अगस्त (हि.स.)। भारत की वर्ष 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत शिक्षा मंत्रालय पांच से सात अगस्त तक ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक और तीसरी ब्रिक्स वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक का आयोजन करेगा। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी भाग लेंगे। इसमें ब्रिक्स देशों के शिक्षा मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधिमंडल शिक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, बैठक में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) को सुदृढ़ बनाने, ब्रिक्स टीवीईटी (तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण) सहयोग गठबंधन के तहत कौशल विकास को बढ़ावा देने, अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप सहयोग को प्रोत्साहित करने, शैक्षणिक योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता (एमआरक्यू) तथा अकादमिक नेतृत्व क्षमता निर्माण जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता वर्ष 2026 का विषय ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ रखा गया है। यह विषय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 में रियो डी जेनेरियो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत जनकेंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह मंत्रीस्तरीय बैठक भारत की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स शिक्षा ट्रैक के अंतर्गत आयोजित विभिन्न बैठकों की शृंखला का अगला चरण है। इससे पहले सात और 28 अप्रैल 2026 को पहली और दूसरी वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई थी, जबकि 20-21 जुलाई को ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय सम्मेलन और अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बोर्ड की बैठक हुई थी। इन बैठकों में मंत्रीस्तरीय बैठक के एजेंडे और प्राथमिकताओं पर सहमति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई।

इससे पहले तीन और चार अगस्त को नई दिल्ली में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के नेतृत्व में ब्रिक्स टीवीईटी संगोष्ठी तथा ब्रिक्स टीवीईटी सहयोग गठबंधन की संयुक्त प्रबंधन समिति (जेएमसी) की बैठक आयोजित की गई। इन बैठकों का उद्देश्य तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास, कार्यबल की तैयारी तथा सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना है।

शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान युवाओं की भागीदारी और जन-से-जन संपर्क को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से विभिन्न ब्रिक्स मंत्रीस्तरीय बैठकों के साथ ‘मॉडल ब्रिक्स’ पहल शुरू की गई है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को ब्रिक्स की कार्यप्रणाली, कूटनीति, बहुपक्षीय सहयोग और सर्वसम्मति आधारित निर्णय प्रक्रिया से परिचित कराया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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