केंद्र ने सरकारी अनुमोदित परीक्षण केंद्रों की मान्यता पाने के लिए मांगे ऑनलाइन आवेदन

04 Aug 2026 18:57:53
उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


- सरकार ने 17 से 31 अगस्त तक जीएटीसी के लिए आवेदन किया आमंत्रित

नई दिल्ली, 04 अगस्त (हि.स.)। केंद्र सरकार ने सरकारी अनुमोदित परीक्षण केंद्रों (जीएटीसी) के तौर पर मान्यता पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये आवेदन 17 से 31 अगस्त तक आमंत्रित किए गए हैं।

केंद्र सरकार ने विधिक माप विज्ञान अधिनियम-2013 के तहत 'सरकारी मान्यता प्राप्त परीक्षण केंद्र' (जीएटीसी) के तौर पर मान्यता प्राप्त करने के लिए पात्र उद्योगों, प्रयोगशालाओं, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई और परीक्षण सुविधा केंद्रों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।विभाग के आधिकारिक पोर्टल emaap.gov.in/gatc के माध्यम से 17 अगस्त से 31 अगस्त तक आवेदन ऑनलाइन जमा किए जा सकते हैं। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन जमा करने, शुल्क भुगतान, आवेदन ट्रैकिंग और आवेदकों के साथ संवाद सहित पूरी तरह से डिजिटल आवेदन प्रक्रिया की सुविधा मिलेगी।

उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि कानूनी मापन (सरकारी अनुमोदित परीक्षण केंद्र) नियमावली, 2013 में हाल में किए गए संशोधनों के बाद, मान्यता प्राप्त जीएटीसी अब स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा, परिवहन, खुदरा, विनिर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में उपयोग किए जाने वाले वजन और माप उपकरणों की 23 श्रेणियों को सत्यापित करने के लिए अधिकृत हैं। अधिकृत श्रेणियों में पानी के मीटर, स्फिग्मोमैनोमीटर (रक्तचाप मापने वाले यंत्र), नैदानिक थर्मामीटर, स्वचालित रेल वजन पुल, टेप माप तीसरी श्रेणी की सटीकता वाले गैर-स्वचालित वजन यंत्र (150 किलोग्राम तक) शुद्धता वर्ग III के गैर-स्वचालित वजन यंत्र, लोड सेल, बीम स्केल, काउंटर मशीनें सभी श्रेणियों का भार, गैस मीटर, ऊर्जा मीटर, नमी मीटर, वाहनों के लिए गति मीटर सांस विश्लेषक, बहुआयामी मापन उपकरण, प्रवाह मीटर, पेट्रोल और डीजल डिस्पेंसर सीएनजी डिस्पेंसर, एलपीजी डिस्पेंसर, एलएनजी डिस्पेंसर और हाइड्रोजन डिस्पेंसर शामिल हैं।

मंत्रालय ने कहा कि इसका मकसद देश की सत्यापन क्षमता को बढ़ाना, सत्यापन सेवाओं की सुलभता में सुधार करना और उद्योग के लिए तेजी से अनुपालन सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के लिए सटीक माप सुनिश्चित करना इस पहल का उद्देश्य है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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