


भोपाल, 04 अगस्त (हि.स.)। केन्द्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में मंगलवार को मुम्बई में आयोजित राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के लिए 1550 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स ने 700 करोड़, अनंत सिस्टम्स ने 400 करोड़, स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड ने 200 करोड़, वीएनटी ने 150 करोड़ और टेसकॉम ने 100 करोड़ के निवेस का प्रस्ताव दिया है।
यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दी। यह कॉन्फ्रेंस ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग जोन में उद्योगपति और निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए आयोजित की थी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार ने मिलकर ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन स्थापित किया है। गत ढाई वर्ष में राज्य सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों- नियमों के कारण मध्य प्रदेश में लगभग हर क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ है। यह क्रम निरंतर जारी है। पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिये अनेक निवेश अनुकूल और आकर्षक नीतियां लागू की हैं। इन नीतियों से मध्य प्रदेश को देश-विदेश के निवेशकों का अभूतपूर्व विश्वास प्राप्त हुआ है और बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
उन्होंने कहा कि उद्योग जगत का यह विश्वास प्रदेश की पारदर्शी नीतियों और सुशासन का सबसे बड़ा प्रमाण है। मध्य प्रदेश सभी सेक्टर्स में तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। देश-दुनिया के निवेशकों का भरोसा हमारे साथ है। भारत और दुनिया की सबसे सस्ती बिजली मध्य प्रदेश में मिलती है। औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए कौशल युक्त श्रमिक मध्य प्रदेश में उपलब्ध हैं। अगर रोजगार आधारित उद्योग शुरू किये जाएं तो सरकार 5 से 10 वर्ष तक वेतन में भी सहयोग प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मेक इन एमपी' और 'फेथ इन एमपी' के विश्वास पर पिछले दिनों दिल्ली में हुई पहली राउंड टेबल मीटिंग में 3 हजार 500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिसके फलस्वरूप 14 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह केंद्र और राज्य सरकार के साथ पहली इन्वेस्टर राउंड टेबल मिटिंग थी, जिसमें अभूतपूर्व सफलता मिली। मध्य प्रदेश सरकार ने देश के अलग-अलग शहरों में निवेश आकर्षित करने के लिए रोड-शो आयोजित किए हैं। मध्य प्रदेश सभी औद्योगिक घरानों और निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। एक बार जो यहां आकर व्यापार-व्यवसाय करता है, यहां की निवेश उन्मुख सुविधाओं और शासन-प्रशासन की सुविधाओं से प्रभावित होकर मध्य प्रदेश का ही बनकर रह जाता है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का दिल है, पूर्व-पश्चिम-उत्तर-दक्षिण कोई किसी भी दिशा में जाएं, मध्य प्रदेश से जरूर गुजरता है। मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था सबसे बेहतर है। यहां श्रमिकों की समस्या नहीं है। भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के बाद अगले वर्ष फिर जीआईएस-2027 का आयोजन होने जा रहा है। नर्मदापुरम जिले में बाबई-मोहासा में इलेक्ट्रिकल उपकरण पार्क में भूमि-पूजन के दिन ही 1000 एकड़ क्षेत्र में भूखंड आवंटित हो गए। धार जिले में विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल सेक्टर का देश का सबसे बड़ा क्लस्टर है। यहां भी भूमि-पूजन के होते ही सभी भूखंड आवंटित हो गए। लगभग 170 एकड़ क्षेत्र में प्लग एंड प्ले मॉडल पर विकसित किये जाना वाला टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम बनकर उभरेगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना दूरसंचार विनिर्माण, अनुसंधान, डिजाइन, टेस्टिंग एवं इनोवेशन को एक ही परिसर में विकसित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन एक नई और विशेष सौगात है, जो नई दिल्ली-एनसीआर से ज्यादा दूर नहीं है। ग्वालियर शहर को सिंधिया राजघराने का भी सहयोग मिलता रहा है। बदलते दौर में राज्यों के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंध बनाते हुए मध्य प्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। तीन राज्यों के साथ नदी जोड़ो परियोजना के अनुबंध करके जल प्रबंधन के कार्य किए जा रहे हैं। राजस्थान के साथ करीब 40 साल पुराने जल बंटवारे के विवाद को आपसी सहमति से हल करते हुए पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना पर हम आगे बढ़ रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार सभी क्षेत्रों में भारत सरकार के सहयोग से कार्य करते हुए प्रदेश के तीव्र विकास के लिए कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मध्य प्रदेश में एमएसएमई, विनिर्माण, इंजीनियरिंग, रक्षा उत्पादन, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अनेक क्षेत्रों में तेज़ी से निवेश बढ़ रहा है। ‘मेक इन एमपी’ और ‘मेड इन एमपी’ जैसे अभियान उद्योग जगत का व्यापक विश्वास अर्जित करने में सफल रहे हैं। दिल्ली में आयोजित पहले राउंड टेबल मीटिंग सहित विभिन्न निवेशक बैठकों और रोड-शो के माध्यम से प्रदेश को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार सृजन की संभावनाएं बनी हैं।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता केवल उसकी भौगोलिक स्थिति नहीं, बल्कि निवेशकों के प्रति सरकार की साझेदारी की भावना है। राज्य सरकार उद्योगों को केवल स्थापित नहीं कराती, बल्कि उनके दीर्घकालिक विकास और विस्तार में भी सहभागी बनती है। यही कारण है कि प्रदेश के औद्योगिक पार्कों और क्लस्टर्स को निवेशकों का लगातार उत्कृष्ट प्रतिसाद मिल रहा है। साथ ही भूमि आवंटन और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय गति आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन दूरसंचार उद्योग के लिए आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक स्तर की विनिर्माण सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा भारत की डिजिटल और औद्योगिक प्रगति को नई गति मिलेगी।
उन्होंने उद्योगपतियों से आग्रह किया कि वे मध्य प्रदेश को अपने उद्योगों के विस्तार का विश्वसनीय भागीदार बनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्य प्रदेश में निवेश करने का यही सबसे उपयुक्त समय है। मध्य प्रदेश आइए, हमारे विकास के सहभागी बनिए और विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाइए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर