
- चार दिन चलेगा सांस्कृतिक महाकुंभ
भोपाल, 04 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल बुधवार, 05 अगस्त से शुरू हो रहे चार दिवसीय ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। यहां कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी तथा 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक सहयोग, विरासत संरक्षण और आपसी साझेदारी से जुड़े कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल और मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (संस्कृति) शिव शेखर शुक्ला ने मंगलवार को सम्मेलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि 5 अगस्त को प्रतिनिधिमंडलों का पंजीकरण, मान्यता प्रक्रिया, द्विपक्षीय बैठकें और विभिन्न प्रदर्शनियों का अवलोकन होगा।
उन्होंने बताया कि पहले दिन शाम को विदेशी प्रतिनिधि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का भ्रमण करेंगे। यहां पारंपरिक शैली में उनका स्वागत किया जाएगा। मृदा शिल्प (पॉटरी) प्रदर्शनी, स्वदेशी हस्तशिल्प और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के जीवंत प्रदर्शन दिखाए जाएंगे। प्रतिनिधि 'नागा हाउस' और 'हिमालयी गांव' का भी भ्रमण करेंगे। दिन का समापन सांस्कृतिक संध्या से होगा, जिसमें कथक, पारंपरिक लोक एवं जनजातीय नृत्य तथा भारतीय पारंपरिक वेशभूषा पर आधारित फैशन शो प्रस्तुत किया जाएगा।
मां वाग्देवी की प्रतिमा को वापस लाने के प्रयास जारी
केन्द्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि लंदन के संग्रहालय में सुरक्षित मां वाग्देवी (सरस्वती) की प्राचीन प्रतिमा को भारत वापस लाने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। पिछले एक वर्ष से इस संबंध में पत्राचार जारी है और उम्मीद है कि निकट भविष्य में प्रतिमा भारत लाई जा सकेगी।
तीन विशेष प्रदर्शनियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र
उन्होंने बताया कि सम्मेलन स्थल पर 'ज्ञान भारतम', 'प्रोजेक्ट मौसम' और 'प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत' विषयों पर विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। ये चारों दिन आम लोगों के लिए खुली रहेंगी। इनका उद्देश्य भारत की पांडुलिपि परंपरा, समुद्री सांस्कृतिक संबंधों और सभ्यतागत विरासत को प्रदर्शित करना है। साथ ही विरासत संरक्षण, सांस्कृतिक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में भारत की पहल को भी रेखांकित किया जाएगा।
6 अगस्त: घोषणापत्र के मसौदे पर मंथन
6 अगस्त को ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक में संस्कृति मंत्रियों के घोषणापत्र के मसौदे सहित सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, संग्रहालय, रचनात्मक उद्योग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा होगी। शाम को रवींद्र भवन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जहां सदस्य और भागीदार देशों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। यह कार्यक्रम आम नागरिकों के लिए भी खुला रहेगा।
7 अगस्त: संगीत और संस्कृति की साझा प्रस्तुति
अगले दिन 7 अगस्त को ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के संस्कृति मंत्री भोपाल पहुंचेंगे। शाम को आयोजित ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव-2026 में भारत सहित सहभागी देशों के कलाकार संयुक्त संगीतमय प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम की शुरुआत 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' से होगी। इसके बाद 'कलर्स ऑफ इंडियन म्यूजिक' के माध्यम से हिंदुस्तानी और कर्नाटक शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति होगी। मुख्य आकर्षण ब्रिक्स पीस सॉन्ग–पीस इज द लैंग्वेज ऑफ द लैंड' रहेगा, जिसमें बेलारूस, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात की संगीत परंपराओं की झलक दिखाई जाएगी। 'पीस टू ऑल, हार्मनी टू ऑल' और 'क्रेस्केंडो ऑफ यूनिटी' जैसी ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी।
'अमृतस्य मध्य प्रदेश' से होगा भव्य सांस्कृतिक प्रदर्शन
इसी दिन संस्कृति विभाग की ओर से 'अमृतस्य मध्य प्रदेश–एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा' का मंचन किया जाएगा। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 125 से अधिक कलाकार मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत करेंगे। प्रस्तुति में भीमबेटका, सांची, खजुराहो, चित्रकूट, उज्जैन, ग्वालियर, ओरछा, मांडू, महेश्वर, चंदेरी और जनजातीय लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। साथ ही सिंहस्थ कुंभ-2028 का सांस्कृतिक आमंत्रण भी दिया जाएगा।
8 अगस्त: संस्कृति मंत्रियों की बैठक और सांची भ्रमण
8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में तीसरी ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक होगी। इसमें सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालय, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने के प्रस्तावों पर चर्चा होगी। बैठक के अंत में 'ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की घोषणा' को अपनाया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रतिनिधिमंडलों के सम्मान में लंच देंगे। बैठक के बाद विदेशी मंत्री और प्रतिनिधिमंडल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का दौरा करेंगे। यहां वे बुद्ध जंबूदीप, सांची स्तूप, चेतियागिरी मंदिर का भ्रमण करेंगे तथा योग-ध्यान सत्र में भाग लेंगे। शाम को 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट एंड साउंड शो का आयोजन होगा।
9 अगस्त: भीमबेटका भ्रमण का विकल्प
9 अगस्त को इच्छुक विदेशी प्रतिनिधियों के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका शैलाश्रय के वैकल्पिक भ्रमण की व्यवस्था की गई है। यहां वे भारत की प्रागैतिहासिक शैल कला और सांस्कृतिक विरासत से परिचित होंगे। सम्मेलन के दौरान प्रतिनिधियों के लिए शहर की विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित कराने हेतु विशेष गतिविधियां भी आयोजित की गई हैं। 5 और 8 अगस्त को हेरिटेज वॉक, 7 अगस्त को बर्ड वॉचिंग, 6 और 7 अगस्त को बड़ा तालाब स्थित बोट क्लब में शिकारा राइड तथा स्थानीय हस्तशिल्प की खरीदारी के लिए विशेष शॉपिंग कार्यक्रम रखा गया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर