देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू का इमरजेंसी ब्रेकिंग परीक्षण सफल, सूखी और गीली पटरी पर परखी गई क्षमता

04 Aug 2026 20:32:53
देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू के इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस परीक्षण के दौरान आरडीएसओ के निदेशक (टेस्टिंग) अनन्जय मिश्रा सहित आरडीएसओ और आईसीएफ के तकनीकी विशेषज्ञ तथा लोको क्रू


कोटा, 04 अगस्त (हि.स.)। देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू (सुपरफास्ट पार्सल रेक) का इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस (ईबीडी) परीक्षण मंगलवार को पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के लबान-गुड़ला रेलखंड पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। परीक्षण के दौरान सूखी और गीली दोनों प्रकार की पटरियों पर रेक की ब्रेकिंग क्षमता का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

पश्चिम मध्य रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी सौरभ जैन ने बताया कि 29 जुलाई से कोटा मंडल में संचालित इस फ्रेट ईएमयू के व्यापक तकनीकी परीक्षणों की श्रृंखला के तहत इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस का परीक्षण चार फेरों में किया गया। इसका उद्देश्य विभिन्न परिस्थितियों में ब्रेकिंग प्रणाली की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता का आकलन करना था।

उन्होंने बताया कि रेक में इमरजेंसी ब्रेक लगाने की तीन व्यवस्थाएं—लोको ब्रेक, ट्रेन ब्रेक तथा पुश बटन ब्रेक—उपलब्ध हैं। परीक्षण के दौरान तीनों प्रणालियों का उपयोग करते हुए सूखी तथा गीली पटरी पर अलग-अलग परिस्थितियों में इमरजेंसी ब्रेक लगाए गए। प्रत्येक परीक्षण में ब्रेक लगाए जाने के बिंदु से लेकर रेक के पूरी तरह रुकने तक की दूरी का सटीक मापन किया गया।

रेलवे के अनुसार यह परीक्षण अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) की देखरेख में किया गया। परीक्षण के दौरान आरडीएसओ के निदेशक (टेस्टिंग) अनन्जय मिश्रा, इंटीग्रल कोच फैक्टरी (आईसीएफ), चेन्नई के सहायक मंडल विद्युत अभियंता सुधांशु कुमार, मुख्य लोको निरीक्षक रामनिवास मीना, यातायात निरीक्षक महेंद्र सिंह मीणा सहित आरडीएसओ और आईसीएफ के तकनीकी विशेषज्ञ तथा लोको क्रू मौजूद रहे। सभी निर्धारित परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए गए।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार वंदे भारत फ्रेट ईएमयू के तकनीकी परीक्षणों के सफल परिणाम भविष्य में इस आधुनिक सुपरफास्ट पार्सल रेक के परिचालन का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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