ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ 25 राज्य एकजुट, यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड पहुंचे

04 Aug 2026 09:21:53
सांकेतिक।


वाशिंगटन, 04 अगस्त (हि.स.)। अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी शासित 25 राज्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन राज्यों ने यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। अमेरिकी समयानुसार सोमवार को इस मकदमे के संबंध में न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने कहा कि ट्रंप प्रशासन अवैध रूप से परिवारों और व्यवसायों पर कर बढ़ा रहा है। ट्रंप का तर्क है कि उच्च टैरिफ अमेरिकी विनिर्माण को पुनर्जीवित करेंगे। उन्होंने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (आईईईपीए) का हवाला दिया था। उन्होंने व्यापार घाटे को राष्ट्रीय आपातकाल बताते हुए लगभग हर देश से आयात पर टैरिफ लगाया।

अमेरिकी न्यूज वेबसाइट पॉलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, इन राज्यों का आरोप है कि नया टैरिफ फरवरी में सुप्रीम कोर्ट से रद्द किए गए आयात करों को बदलने का बहाना है। पिछले महीने जुलाई में अमेरिका ने 59 देशों और यूरोपीय संघ पर दोहरे अंक वाले टैरिफ लगाए। ये टैरिफ जबरन श्रम से उत्पादित आयात पर पर्याप्त कार्रवाई न करने के आरोप में लगाए गए। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि आईईईपीए टैरिफ को अधिकृत नहीं करता। इस फैसले के बाद प्रशासन को टैरिफ का भुगतान करने वाले आयातकों को पैसा वापस करना पड़ा।

इसके बाद राजस्व की भरपाई के लिए ट्रंप ने अस्थायी 10 फीसदी वैश्विक टैरिफ लगाए। इसकी अवधि 24 जुलाई को समाप्त हो गई। अब ट्रंप 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत अधिक स्थायी टैरिफ लगा रहे हैं। यह धारा राष्ट्रपति को अनुचित व्यापार प्रथाओं में शामिल देशों के खिलाफ आयात कर लगाने की अनुमति देती है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में चीन पर बड़े टैरिफ लगाने के लिए धारा 301 का इस्तेमाल किया था और वे अदालती चुनौतियों में भी टिके रहे थे।

ट्रंप प्रशासन का नया टैरिफ 10 फीसदी से 12.5 फीसदी तक है। यह उन देशों को प्रभावित करता है जो अमेरिकी आयात का 99 फीसदी प्रदान करते हैं। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि अमेरिका अपने वैध अधिकार का उपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि जबरन श्रम वाले सामान के आयात पर प्रतिबंध लागू न करना अनुचित है और अमेरिकी कारोबार पर बोझ डालता है।

कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा ने मुकदमा दर्ज करने की घोषणा करते हुए कहा, राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकियों के लिए जीवनयापन की लागत बढ़ाने पर इतने आमादा हैं कि वे ऐसा करने के लिए एक के बाद एक कानून तोड़ने को तैयार हैं। महत्वपूर्ण है कि बोंटा का राज्य भी मुकदमा करने वाले राज्यों में शामिल है। बोंटा ने कहा, टैरिफ टैक्स होते हैं और अमेरिकी लोग राष्ट्रपति की विफल और गैरकानूनी आर्थिक नीति से होने वाले अतिरिक्त खर्च का बोझ नहीं उठा सकते और न ही उन्हें उठाना चाहिए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

Powered By Sangraha 9.0