स्टॉक मार्केट में एचआर हाइजीन ने मामूली बढ़त के साथ की एंट्री, फायदे में आईपीओ निवेशक

05 Aug 2026 12:07:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 05 अगस्त (हि.स.)। सैनिटरी पैड, बेबी डायपर और एडल्ट केयर प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी एचआर हाइजीन प्रोडक्ट्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने मामूली बढ़त के साथ एंट्री की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 88 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 2.27 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 90 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के सपोर्ट से से ये शेयर उछल कर 91 रुपये के स्तर तक पहुंचे, वहीं बिकवाली का दबाव बनने पर इसने 85.50 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक गोता भी लगा दिया। हालांकि बाद में खरीदानों ने लिवाली शुरू कर लोअर सर्किट ब्रेक कर दिया। दोपहर 11:45 बजे तक कारोबार होने के बाद ये शेयर 89.99 रुपये के स्तर पर पहुंच गए थे। इस तरह से अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 1.99 रुपये यानी 2.26 प्रतिशत का फायदा हो गया था।

एचआर हाइजीन प्रोडक्ट्स लिमिटेड का 53.95 करोड़ रुपये का आईपीओ 29 से 31 जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 6.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 2.81 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 11.83 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 6.74 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 61,31,200 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 11 करोड़ रुपये के 12,25,600 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं, जबकि लगभग 43 करोड़ रुपये के 49,05,600 नए शेयर जारी हुए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी राजकोट में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

एचआर हाइजीन प्रोडक्ट्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 4.66 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 9.08 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 11.41 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 85.33 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 115.15 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 131.90 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 24.68 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 21.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ मामूली उछाल के साथ 21.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 5.90 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 31.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 42.38 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 4.15 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 24.31 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 24.58 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 7.58 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 14.77 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 17.08 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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