नेपाल सरकार के निर्देश पर तिब्बती अध्ययन का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन रद्द

05 Aug 2026 22:46:53
विदेश मंत्रालय


काठमांडू, 05 अगस्त (हि.स.)। नेपाल सरकार के निर्देश पर इसी महीने के आखिरी सप्ताह में आयोजित होने वाला इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर तिब्बतन स्टडीज (आईएटीएस) का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन रद्द कर दिया गया है।

स्थानीय आयोजकों में शामिल काठमांडू विश्वविद्यालय के अंतर्गत हिमालय सेंटर फॉर एशियन स्टडीज के निदेशक डॉ सागरराज शर्मा ने बताया कि नेपाल सरकार के अनुरोध पर सम्मेलन स्थगित करने का निर्णय लिया गया।

डॉ शर्मा ने कहा, नेपाल सरकार के आग्रह पर हमने सम्मेलन आयोजित नहीं करने का फैसला किया है। काठमांडू में होने वाले आईएटीएस के 17वें सम्मेलन का आयोजन काठमांडू विश्वविद्यालय, सेंटर फॉर बुद्धिस्ट स्टडीज, रांगजुंग येशे इंस्टीट्यूट द्वारा संयुक्त रूप से किया जाना था।

बताया गया है कि चीन सरकार के दबाव के बाद निर्वासित तिब्बती सरकार सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन (सीटीए) ने अपने प्रतिनिधि को सम्मेलन में नहीं भेजने का निर्णय लिया था।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दलाई लामा के प्रतिनिधियों के नेपाल आने और सम्मेलन में तिब्बती मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना को लेकर नेपाल स्थित चीनी राजदूत चांग ने नेपाली अधिकारियों के समक्ष अपनी चिंता व्यक्त की थी।

नेपाल के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सम्मेलन रद्द होने से पड़ोसी देशों के लिए भी स्थिति सहज हो गई है।

यह सम्मेलन 23 अगस्त से 29 अगस्त तक आयोजित होना था, जिसमें 39 देशों के 720 प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित हो चुकी थी। अब यह सम्मेलन नेपाल में आयोजित नहीं होगा।

गौरतलब है कि इस सम्मेलन का पहला आयोजन वर्ष 1977 में स्विट्जरलैंड में हुआ था। इसके बाद यह ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी, जापान, नॉर्वे, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड, कनाडा, मंगोलिया, फ्रांस और चेक गणराज्य सहित कई देशों में आयोजित हो चुका है। नेपाल में इसका आयोजन पहली बार प्रस्तावित था।

----------------------

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

Powered By Sangraha 9.0