कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे धंसने के मामले में एनएचएआई ने की कार्रवाई, पीएनसी इंफ्राटेक पर शिकंजा

05 Aug 2026 17:18:53
एनएचएआई


नई दिल्ली, 05 अगस्त (हि.स.)। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने निर्माण कंपनी, स्वतंत्र इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। एनएचएआई ने निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही एक्सप्रेसवे पर फिलहाल टोल वसूली भी रोक दी गई है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर 26 जुलाई को किलोमीटर 64 के पास करीब 300 मीटर हिस्से में सड़क धंसने (स्लिपेज) की घटना सामने आई थी। इसके बाद एनएचएआई ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया और प्रभावित हिस्से की व्यापक तकनीकी जांच के आदेश दिए।

एनएचएआई ने पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उसके खिलाफ प्रदर्शन सुरक्षा राशि का दो प्रतिशत जुर्माना लगाने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तीन वर्ष तक डिबारमेंट की कार्रवाई करने तथा कंपनी की रेटिंग घटाने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही कंपनी को अपने खर्च पर करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से प्रभावित हिस्से की मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पर एनएचएआई का कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

प्राधिकरण ने परियोजना में लापरवाही बरतने के आरोप में निर्माण एजेंसी के परियोजना प्रबंधक विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र इंजीनियर के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटाकर दो वर्षों के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई और एनएचआईडीसीएल की परियोजनाओं से प्रतिबंधित कर दिया है।

इसके अलावा वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग भेज दिया गया है। वहीं, पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया और वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा के खिलाफ कथित लापरवाही को लेकर आरोप पत्र जारी किए जा रहे हैं।

एनएचएआई ने परियोजना के स्वतंत्र इंजीनियर एम/एस थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भी भविष्य की परियोजनाओं से डिबार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे की पूरी सड़क की स्थिति का आकलन करने के लिए लेजर प्रोफिलोमीटर तकनीक से जांच कराने का निर्णय लिया है। साथ ही आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर केएस रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम को तकनीकी जांच सौंपी गई है, जो घटना के कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक उपाय सुझाएगी।

एनएचएआई ने कहा कि प्रभावित हिस्से की पूरी तरह मरम्मत होने तक एक्सप्रेसवे पर किसी भी वाहन से टोल नहीं लिया जाएगा। टोल बंद रहने से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई भी निर्माण कंपनी से ही की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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