हैदराबाद, 05 अगस्त (हि.स.)। तेलंगाना सरकार ने राज्यभर में नागरिकों के लिए एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) लागू करते हुए 112 को एकल आपातकालीन हेल्पलाइन के रूप में शुरू कर दिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सी.वी. आनंद ने बुधवार को बंजारा हिल्स स्थित तेलंगाना इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (टीजीआईसीसीसी) में इस सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया।
डीजीपी सी.वी. आनंद ने बताया कि डायल 112 के माध्यम से नागरिकों को एक ही फोन कॉल पर 18 आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच मिलेगी। इनमें पुलिस, अग्निशमन (फायर) और चिकित्सा आपातकालीन सेवाएं प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित, प्रभावी और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को अलग-अलग हेल्पलाइन नंबरों की बजाय एक ही नंबर पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही पुलिस, एम्बुलेंस और अग्निशमन सेवाओं के लिए नागरिक सीधे 112 पर कॉल कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही पुलिस सहायता के लिए पहले इस्तेमाल होने वाला डायल 100 अब 112 प्रणाली में समाहित कर दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, इस एकीकृत हेल्पलाइन को विभिन्न आपातकालीन एजेंसियों के बीच तेज समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। 112 पर कॉल प्राप्त होने के बाद प्रणाली आपात स्थिति का आकलन कर संबंधित विभाग को तत्काल अलर्ट भेजेगी, जिससे राहत और बचाव कार्य में तेजी आएगी।
यह पहल तेलंगाना को राष्ट्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) से भी जोड़ती है, जिसका उद्देश्य सभी प्रमुख आपातकालीन सेवाओं के लिए एकल संपर्क बिंदु उपलब्ध कराना है। सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से आपातकालीन सेवाओं की प्रतिक्रिया समय में सुधार होगा, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और मजबूत होगा तथा आम नागरिकों को अधिक प्रभावी और सुलभ सहायता मिल सकेगी।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि 112 हेल्पलाइन का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थितियों में ही करें, ताकि संसाधनों का उचित उपयोग हो और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj