तमिलनाडु बजट 2026-27: शिक्षा, महिलाओं, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर सरकार का फोकस

05 Aug 2026 14:54:53
वित्त मंत्री मारिया विल्सन


-वित्त वर्ष 2026-27 में राज्य की कुल आय 3,50,027 करोड़, राजस्व घाटा 55,775 करोड़ , जबकि राज्य पर कुल कर्ज 10,98,765 करोड़ रुपये होने का अनुमान

चेन्नई, 05 अगस्त (हि.स.)। तमिलगा वेत्रि कड़गम (टीवीके) सरकार ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया। वित्त विभाग का प्रभार संभाल रहे मंत्री मरिया विल्सन ने सुबह 10 बजे बजट भाषण शुरू किया, जो दोपहर 12:33 बजे तक चला। करीब दो घंटे 33 मिनट के अपने पहले बजट भाषण में उन्होंने शिक्षा, महिला कल्याण, रोजगार, आधारभूत संरचना, पर्यटन, कृषि, सामाजिक न्याय और सुशासन को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं बताया।

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में राज्य की कुल आय 3,50,027 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। राजस्व घाटा 55,775 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि राज्य पर कुल कर्ज 10,98,765 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की वित्तीय स्थिति को पूरी तरह पटरी पर लाने में कम से कम दो वर्ष का समय लगेगा।

बजट में महिला कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। सरकार ने सभी महिलाओं को परिवार का सदस्य मानते हुए उन्हें आठ ग्राम का स्वर्ण सिक्का और रेशमी साड़ी उपलब्ध कराने की योजना की घोषणा की, जिसके लिए 812 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 'सिंगप्पेण सशक्तिकरण योजना' शुरू करने और महिला स्वयं सहायता समूहों को इस वर्ष 38 हजार करोड़ रुपये का बैंक ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

शिक्षा क्षेत्र के लिए सरकार ने कई नई योजनाओं की घोषणा की। स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 44,527 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 'वेत्री मणिक्कणिनी योजना' पर 8,393 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए दो हजार करोड़ रुपये की लागत से विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए जाएंगे। राज्य के 10 हजार सरकारी विद्यालयों में 'सुपर क्लीन, सुपर कैंपस' योजना लागू होगी। बच्चों की प्रारंभिक देखभाल और पोषण के लिए 500 नए आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

तमिलनाडु की सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को बढ़ावा देने के लिए विश्वस्तरीय पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने की घोषणा की। इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों के पांच लाख युवाओं को एआई कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा 90 करोड़ रुपये की लागत से पांच नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) तथा नए सरकारी विधि महाविद्यालय भी स्थापित किए जाएंगे।

युवा कल्याण एवं खेल विकास विभाग के लिए 1,051 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य में 50 करोड़ रुपये की लागत से 10 ओलंपिक विशेष केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देने के लिए 42 करोड़ रुपये तथा खिलाड़ियों की वित्तीय सहायता के लिए 22 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

सामाजिक न्याय विभाग के लिए 3,937 करोड़ रुपये तथा अयोथीदास पंडितर आवास विकास योजना के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, कच्चे मकानों को पक्के मकानों में बदलने की योजना के तहत सरकारी अनुदान तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। पहले चरण में 70 हजार मकानों के निर्माण को मंजूरी दी जाएगी।

पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इस बजट में मामल्लपुरम को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई। इसके लिए केंद्र सरकार से 200 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। कावेरी, वैगई और तामिरपरणी नदियों में नदी जल पर्यटन विकसित करने के लिए 53 करोड़ रुपये तथा फूड टूरिज्म और कला क्षेत्र के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ईको-टूरिज्म और स्थानीय एवं आदिवासी समुदायों की आजीविका सुधारने के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग को कुल 777 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में चेन्नई के ब्रॉडवे में 1,377 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत न्यायालय परिसर बनाने की घोषणा की गई। इसकी व्यवहार्यता अध्ययन के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। न्याय विभाग के लिए 2,486 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के तहत सुपर एल-नीनो के प्रभाव से निपटने के लिए 340 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए 5,462 करोड़ रुपये तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 11,532 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

गृह विभाग, मद्यनिषेध एवं आबकारी विभाग के लिए 17,290 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सिंगप्पेण विशेष बल के लिए 354 करोड़ रुपये, मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए 70 करोड़ रुपये और पुलिसकर्मियों के आवास निर्माण के लिए 431 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

ग्रामीण विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई रोजगार योजना पर 12,646 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शहरी क्षेत्रों से सटे ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए एक हजार करोड़ रुपये तथा नेइथल पुनरुद्धार अभियान के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण विकास विभाग के लिए कुल 39,609 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

बजट की मुख्य बातें

-तमिलनाडु का 3.50 लाख करोड़ रुपये आय अनुमान वाला बजट पेश, राजस्व घाटा 55,775 करोड़

-महिलाओं को आठ ग्राम स्वर्ण सिक्का और रेशमी साड़ी देने की योजना, 812 करोड़ का प्रावधान

-महिला स्वयं सहायता समूहों को 38 हजार करोड़ रुपये बैंक ऋण देने का लक्ष्य

-स्कूल शिक्षा के लिए 44,527 करोड़ रुपये, विद्यार्थियों को मिलेंगे लैपटॉप

-पांच लाख युवाओं को मिलेगा एआई कौशल प्रशिक्षण, विशेषज्ञ समिति बनेगी

-तमिलनाडु में 10 हजार सरकारी स्कूलों में लागू होगी 'सुपर क्लीन, सुपर कैंपस' योजना

-मामल्लपुरम बनेगा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र, नदी पर्यटन को भी बढ़ावा

-ग्रामीण विकास के लिए 39,609 करोड़ रुपये, नई रोजगार योजना पर 12,646 करोड़ खर्च होंगे

-चेन्नई में 1,377 करोड़ रुपये से बनेगा एकीकृत न्यायालय परिसर

-कच्चे मकानों को पक्का बनाने के लिए अनुदान बढ़कर पांच लाख रुपये

-10 ओलंपिक विशेष केंद्र स्थापित करेगी तमिलनाडु सरकार

-सुपर एल-नीनो से निपटने के लिए 340 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान

-वित्त मंत्री बोले- तमिलनाडु की वित्तीय स्थिति पटरी पर लाने में लगेंगे दो वर्ष

-17,290 करोड़ रुपये गृह विभाग को, पुलिस आवास और नशा रोकथाम पर विशेष फोकस

-टीवीके सरकार के पहले बजट में शिक्षा, सामाजिक न्याय और सुशासन को प्राथमिकता

-राज्य पर 10.98 लाख करोड़ रुपये कर्ज का अनुमान, वित्तीय सुधार पर सरकार का जोर

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हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV

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