
- सीबीजी इकोसिस्टम के विकास के लिए भारत सरकार ने स्वीकृत किए 50 करोड़ रुपये
रायपुर, 06 अगस्त (हि.स.)। स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में छत्तीसगढ़ को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि प्राप्त हुई है। राज्य में कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी ) इकोसिस्टम के विकास के लिए किए जा रहे नवाचारों और प्रभावी प्रयासों की सराहना भारत सरकार ने की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने गुरुवार को जानकारी दी है कि केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) 2026-27 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 50 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। इस योजना के तहत यह प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जैव ईंधन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है और यह उपलब्धि उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग तथा छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को इस सफलता के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति राज्य के कृषि, ऊर्जा और पर्यावरण क्षेत्र में परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी। इससे कृषि अवशेषों का वैज्ञानिक उपयोग सुनिश्चित होगा, किसानों को अतिरिक्त आय का नया स्रोत मिलेगा तथा पराली और अन्य जैव अवशेषों के बेहतर प्रबंधन से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए हरित अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को जैव ईंधन एवं स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। सीबीजी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में निवेश, रोजगार, किसानों की आय, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और अधिक मजबूती प्राप्त होगी।
राज्य सरकार ने कम्प्रेस्ड बायोगैस परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति-2026 को 8 जून 2026 को अधिसूचित किया है। इस नीति के माध्यम से राज्य में उपलब्ध कृषि अपशिष्ट, पैडी स्ट्रॉ तथा अन्य बायोमास का वैज्ञानिक रूपांतरण कर औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपयोग के लिए स्वच्छ गैसीय ईंधन का उत्पादन किया जाएगा। इससे किसानों को बायोमास की आपूर्ति से अतिरिक्त आय प्राप्त होगी, वहीं संयंत्रों से प्राप्त जैविक खाद जैविक खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने सीबीजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने, उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करने पर विशेष जोर दिया है।
पिछले दिनों हुई एक बैठक में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित सरकार ने राज्य में सीबीजी संयंत्रों की स्थापना, निवेश संभावनाओं, नीति के क्रियान्वयन तथा भावी कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग, कृषि, नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशुधन विकास, परिवहन तथा पर्यावरण संरक्षण मंडल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा