ब्रिक्स सम्मेलन- 2026: आज भागीदार देशों के संस्कृति मंत्री पहुंचेंगे भोपाल, शाम को होगा सांस्कृतिक महोत्सव

युगवार्ता    07-Aug-2026
Total Views |
ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन शुरू होने से पहले भोपाल के मिंटो हाल में हुआ फोटो सेशन


भोपाल, 07 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय ब्रिक्स संस्कृति सम्मेलन-2026 का आज तीसरा दिन है। आज ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्री भोपाल पहुंचेंगे। वहीं, शाम को 'ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव 2026' आयोजित होगा।

जनसम्पर्क विभाग के अनुसार, भोपाल के रविन्द्र भवन में आयोजित 'ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव 2026' भारत और सदस्य ब्रिक्स देशों के प्रख्यात संगीतकारों और कलाकारों को एक साथ लाने वाला एक विशेष रूप से तैयार किया गया सहयोगात्मक संगीतमय कार्यक्रम है। कार्यक्रम की शुरुआत सर्वे भवन्तु सुखिनः के आह्वान के साथ होगी, जिसके बाद हिंदुस्तानी और कर्नाटक शास्त्रीय परंपराओं का उत्सव मनाता हुआ कलर्स ऑफ इंडियन म्यूजिक प्रस्तुत किया जाएगा।

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ब्रिक्स पीस सॉन्ग - पीस इज द लैंग्वेज ऑफ द लैंड होगा, जो भाग लेने वाले ब्रिक्स देशों की एक संगीतमय यात्रा प्रस्तुत करेगा। इसमें बेलारूस, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात की संगीतमय परंपराओं का समावेश होगा। कार्यक्रम में भव्य आर्केस्ट्रा प्रस्तुतियां पीस टू ऑल, हार्मनी टू ऑल और क्रेस्केंडो ऑफ यूनिटी भी शामिल होंगी।

इसके पश्चात संस्कृति विभाग द्वारा 'ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव 2026' की अंतिम और भव्य प्रस्तुति के रूप में अमृतस्य मध्य प्रदेश– एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा का मंचन किया जाएगा। विख्यात कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 125 से अधिक सिद्धहस्त कलाकारों द्वारा प्रस्तुत यह नृत्य-संरचना ॐ की अनादि ध्वनि के साथ मध्य प्रदेश की जीवंत आत्मा को सजीव करेगी। यह महायात्रा भीमबेटका, सांची और खजुराहो के यूनेस्को वैभव से लेकर चित्रकूट के 'राम-पथ गमन' तथा उज्जैन के संदीपनि आश्रम की 'कृष्ण-लीला' तक का पावन सफर तय कराती है।

इसमें ग्वालियर, ओरछा व मांडू के ऐतिहासिक किलों की गाथा, महेश्वरी-चंदेरी के वस्त्र-शिल्प का लालित्य, तथा बैगा, मटकी व बधाई जैसे समृद्ध जनजातीय लोक-नृत्यों का उल्लास समाहित है। भोपाल की झीलों से लेकर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, ओंकारेश्वर के अध्यात्म और माँ नर्मदा की महाआरती से सराबोर यह प्रस्तुति अतिथियों को 'सिंहस्थ कुंभ 2028' का भव्य आध्यात्मिक निमंत्रण भी प्रदान करेगी। महोत्सव के समापन के बाद मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित रात्रिभोज के साथ होगा।

कल मंत्रियों की बैठक होगी

शनिवार को भारत की अध्यक्षता में तीसरी ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित की जाएगी। मंत्री ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के बीच सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालयों, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों से लोगों के बीच जुड़ाव के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करेंगे। यह बैठक 'ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की घोषणा' को अपनाने के साथ समाप्त होगी, जो ब्रिक्स ढांचे के भीतर बेहतर सांस्कृतिक सहयोग के लिए एक साझा दृष्टिकोण और भविष्य का रोडमैप निर्धारित करेगी।

यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल 'सांची' की सांस्कृतिक यात्रा

मंत्रीस्तरीय बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत और स्थापत्य कला के अवलोकन के लिए सांची के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रतिनिधि 'बुद्ध जंबूदीप' का भ्रमण करेंगे और तत्पश्चात विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का एक विशेष गाइडेड टूर लेंगे। यात्रा के दौरान प्रतिनिधि चेतियागिरी मंदिर में दर्शन के साथ योग एवं ध्यान सत्र में भाग लेंगे। शाम को बौद्ध इतिहास और कला पर आधारित एक आकर्षक थ्रीडी प्रोजेक्शन मैपिंग तथा लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाएगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Tags