व्हाट्सएप हैकिंग और वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर गृह मंत्रालय ने जारी की चेतावनी

07 Aug 2026 19:30:53

नई दिल्ली, 07 अगस्त (हि.स.)। गृह मंत्रालय ने व्हाट्सएप खातों की हैकिंग और उससे जुड़ी वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए नागरिकों से अज्ञात अथवा अपुष्ट स्रोतों से प्राप्त जिप या अन्य संदिग्ध फाइलें डाउनलोड या खोलने से बचने की सलाह दी है। मंत्रालय ने कहा है कि साइबर अपराधी फर्जी फाइलों के जरिए मैलवेयर स्थापित कर व्हाट्सएप खातों का दुरुपयोग कर रहे हैं।

मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने बताया कि हाल के दिनों में व्हाट्सएप खातों को हैक कर वित्तीय धोखाधड़ी करने के मामलों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों से इस प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

आई4सी के अनुसार साइबर अपराधी व्हाट्सएप, एसएमएस अथवा ईमेल के माध्यम से ‘स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट.ज़िप’, ‘आरबीआई.ज़िप’ या ‘एमसीए.ज़िप’ जैसी फाइलें भेजते हैं। इन फाइलों को खोलने पर डिवाइस में ट्रोजन मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जिसके माध्यम से व्हाट्सएप वेब से जुड़े खाते पर अनधिकृत नियंत्रण स्थापित कर लिया जाता है। इसके बाद अपराधी पीड़ित के संपर्कों को संदेश भेजकर बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देते हैं।

मंत्रालय ने कहा कि यह मैलवेयर विशेष रूप से विंडोज आधारित कंप्यूटरों को निशाना बनाता है इसलिए चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी निदेशक, मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) तथा वित्त और लेखा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए जोखिम अधिक है। संस्थानों को सलाह दी गई है कि वे कर्मचारियों को इस खतरे के प्रति जागरूक करें और किसी भी वित्तीय निर्देश या भुगतान संबंधी अनुरोध का स्वतंत्र रूप से सत्यापन सुनिश्चित करें।

गृह मंत्रालय ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे व्हाट्सएप के लिंक किए गए डिवाइस की नियमित जांच करें और अनावश्यक या संदिग्ध लॉगिन को तुरंत लॉग आउट करें। सभी प्रणालियों में अद्यतन एंटीवायरस और आवश्यक साइबर सुरक्षा उपाय लागू रखें। यदि व्हाट्सएप खाता हैक होने की आशंका हो तो सभी डिवाइसों से तत्काल लॉग आउट करें, अपने संपर्कों को सतर्क करें तथा घटना की सूचना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दें।

मंत्रालय के अनुसार इस साइबर खतरे से निपटने के लिए आई4सी ने संभावित पीड़ितों को समय रहते सतर्क करना शुरू कर दिया है। मैलवेयर से जुड़े तकनीकी संकेत भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-इन), माइक्रोसॉफ्ट तथा भारतीय एंटीवायरस कंपनियों के साथ साझा किए गए हैं। समन्वित प्रयासों के तहत अब तक 10 हजार से अधिक नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है तथा 'I4CMHA-G' एसएमएस हेडर के माध्यम से 58 हजार से अधिक संभावित पीड़ितों को चेतावनी संदेश भेजे गए हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

Powered By Sangraha 9.0