पंचेश्वर परियोजना पर सितंबर में भारत-नेपाल के बीच अहम बैठक, चार साल बाद फिर शुरू होगी जल संसाधनों पर बातचीत

07 Aug 2026 15:13:54
नेपाल भारत प्रतीकात्मक तस्वीर


काठमांडू, 07 अगस्त (हि.स.)। भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से लंबित पंचेश्वर बहुउद्देश्यीय परियोजना और महाकाली संधि से जुड़े अन्य मुद्दों पर सितंबर के पहले सप्ताह में द्विपक्षीय जल संसाधन बैठक होगी। चार साल के अंतराल के बाद होने वाली यह बैठक दोनों देशों के बीच जल संसाधन सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बैठक में भारत-नेपाल संयुक्त जल संसाधन समिति और जल संसाधन संबंधी संयुक्त स्थायी तकनीकी समिति की बैठकें भी होंगी। इसमें टनकपुर बैराज से नेपाल सीमा तक प्रस्तावित लिंक नहर सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बैठक के एजेंडे में टनकपुर-महेन्द्रनगर लिंक रोड, दोधारा-चांदनी क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति, सप्तकोशी हाई डैम बहुउद्देश्यीय परियोजना तथा सुनकोशी-कमला स्टोरेज-कम-डाइवर्जन योजना भी शामिल हैं।

इसके अलावा दोनों देश कोशी और गंडक परियोजनाओं पर संयुक्त समिति तथा जलभराव और बाढ़ प्रबंधन संबंधी संयुक्त समिति की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे। ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुशील चन्द्र आचार्य ने पुष्टि की है कि सितंबर में होने वाली बैठकों के एजेंडे में पंचेश्वर परियोजना को शामिल किया गया है।

वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के मुताबिक जून में नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल की भारत यात्रा के दौरान भारत ने लंबित मतभेदों को सुलझाने और महाकाली संधि के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई थी। इसके बाद यह बैठक आयोजित की जा रही है।

एक वरिष्ठ नेपाली सरकारी अधिकारी के अनुसार दोनों पक्ष व्यापक जल संसाधन सहयोग और पंचेश्वर परियोजना से जुड़े मुद्दों पर अपने-अपने प्रस्तावित एजेंडे का आदान-प्रदान कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि फिलहाल एजेंडे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सितंबर की बैठक को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि करीब चार साल बाद दोनों देशों के बीच जल संसाधनों पर औपचारिक उच्चस्तरीय बातचीत फिर से शुरू होगी और इससे लंबे समय से अटकी पंचेश्वर परियोजना को आगे बढ़ाने की उम्मीद जगी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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