बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में तीसरा आरोपित गिरफ्तार

07 Aug 2026 22:30:53
पुलिस हिरासत में  गिरफ्तार आरोपित।


- सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, वीआईपी दर्शन कराने वाला सुरक्षाकर्मी निकला आरोपितगोपेश्वर, 07 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड के प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चढ़ावा एवं दान सामग्री चोरी प्रकरण में चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीसरे आरोपित को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। आरोपित मनोज कुमार जेपी पावर वेंचर्स लिमिटेड के लामबगड़ बैराज स्थित जल विद्युत परियोजना में सुरक्षाकर्मी के रूप में तैनात था और परियोजना अधिकारियों के अतिथियों व रिश्तेदारों को वीआईपी दर्शन कराने के लिए मंदिर पहुंचता था।

पुलिस के अनुसार सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान आरोपित थाली भेंट गणना कक्ष में संदिग्ध गतिविधियां करता दिखाई दिया। फुटेज में वह श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान सामग्री में से सामान निकालकर जेब में रखते हुए स्पष्ट नजर आया। पूछताछ में आरोपित ने चोरी की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस के अनुसार आरोपित परियोजना के अधिकारियों के अतिथियों और रिश्तेदारों को वीआईपी दर्शन कराने के लिए समय-समय पर बदरीनाथ मंदिर आता था। इसी दौरान वह थाली भेंट में आए दान एवं चढ़ावे की सामग्री चोरी करता था। सीसीटीवी फुटेज की जांच में आरोपित की संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद एसआईटी ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया, जहां उसने चोरी की बात स्वीकार कर ली।

मामले में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की शिकायत पर आठ जुलाई को कोतवाली बदरीनाथ में मुकदमा दर्ज किया गया था। वित्तीय अनियमितता और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया था।

एसआईटी ने 25 और 29 जून की सीसीटीवी फुटेज का गहन परीक्षण किया। जांच के दौरान एक व्यक्ति थाली भेंट गणना कक्ष में दान सामग्री से सामान निकालकर जेब में रखते हुए दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर पहचान होने के बाद आरोपित मनोज कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पुलिस के मुताबिक आरोपित के मोबाइल फोन की रिसायकल बिन से चोरी की गई सामग्री के फोटो भी बरामद हुए हैं। पूछताछ में उसने बताया कि चोरी के बाद वह सामान को अपने कमरे में ले जाकर बेडशीट पर सजाकर तस्वीरें खींचता था और बाद में उन्हें डिलीट कर देता था। उसने कुछ चोरी की सामग्री यात्रियों को बेचने और उससे मिली राशि का कुछ हिस्सा खर्च करने की बात भी स्वीकार की।

आरोपित की निशानदेही पर लामबगड़ स्थित उसके कमरे से चोरी की गई दान सामग्री बरामद की गई। बरामद सामान में सफेद और पीली धातु के आभूषण, सिक्के, प्रतिमा, कंगन, ब्रेसलेट, मोर पंख एवं लाल नग युक्त दंड समेत छह हजार रुपये नकद और वह बेडशीट शामिल है, जिस पर चोरी के सामान की तस्वीरें ली गई थीं।

पुलिस ने बताया कि मामले में इससे पहले मंदिर समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल और पूर्व कर्मचारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। तीसरे आरोपित की गिरफ्तारी के बाद मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में बढ़ोतरी की गई है।

पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में गठित एसआईटी इस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल

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