कृतज्ञ राष्ट्र ने 'भारत छोड़ो आंदोलन' और ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ की वर्षगांठ पर अमर सेनानियों को दी श्रद्धांजलि

09 Aug 2026 10:51:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 09 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं ने रविवार को 'भारत छोड़ो आंदोलन' और ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ की वर्षगांठ पर राष्ट्रनायकों तथा अमर सेनानियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, ऐतिहासिक 'भारत छोड़ो आंदोलन' में भाग लेने वाले सभी लोगों को याद करते हुए, उनका साहस हर भारतीय के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा। महात्मा गांधी जी के नेतृत्व से प्रेरित होकर, 'भारत छोड़ो' के आह्वान ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा का संचार किया और औपनिवेशिक शासन से मुक्त होने के हमारे लोगों के अटूट संकल्प को दर्शाया।

बिरला ने कहा कि महात्मा गांधी का करो या मरो का आह्वान उस दौर में करोड़ों भारतीयों के लिए साहस और संकल्प की आवाज बना। इस आंदोलन में असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल यातनाएँ सहीं, संघर्ष किया और अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका संघर्ष केवल राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए नहीं था, बल्कि एक ऐसे भारत के निर्माण के लिए था, जिसकी नींव सत्य, अहिंसा, लोकतंत्र, समानता और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों पर हो। स्वतंत्रता के अमृतकाल में उन महान सेनानियों का स्मरण हमें यह प्रेरणा देता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि रखते हुए हम अपने लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक आदर्शों को निरंतर मजबूत करते रहें।

शाह ने कहा कि इस आंदोलन ने देशवासियों को एकजुट कर अंग्रेजी शासन से मुक्ति के लिए ‘करो या मरो’ का संकल्प और अदम्य साहस प्रदान किया। अगस्त क्रांति का यह दिन हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए स्वदेशी को अपनाने, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की प्रेरणा देता है। वहीं ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ स्वतंत्रता संग्राम का वह अविस्मरणीय अध्याय है, जिसने अंग्रेजी हुकूमत के अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध सशस्त्र क्रांति को नई ऊर्जा दी। चंद्रशेखर आजाद और राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में वीर स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने अदम्य साहस और समर्पण से इस एक्शन के माध्यम से ब्रिटिश शासन को यह बता दिया कि इस देश के संसाधनों पर देशवासियों का ही अधिकार है। देश काकोरी ट्रेन एक्शन के सभी अमर क्रांतिकारियों का सदैव ऋणी रहेगा।

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्गमंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सन 1942 में आज ही के दिन महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारतवासियों ने अग्रेजों के विरुद्ध ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत की थी।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस आंदोलन ने देशभर में नई चेतना का संचार किया और असंख्य भारतीयों को स्वतंत्रता के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की प्रेरणा दी। महात्मा गांधी, सभी वीर स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के त्याग, तप और संघर्ष से मिली स्वतंत्रता इस देश की महान राष्ट्रीय विरासत है। आज उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए एक सशक्त, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

विदेशमंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि भारत की आज़ादी में वीर सेनानियों का योगदान एक अमूल्य विरासत है। केन्द्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सभी राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाकर उनके सपनों का सशक्त एवं समृद्ध भारत बनाने का संकल्प लें। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याणमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगस्त क्रांति स्वतंत्रता संग्राम का वह ऐतिहासिक अध्याय है, जिसने देशवासियों में आजादी की लौ और संघर्ष का संकल्प जगाया। स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को राष्ट्र सदैव स्मरण करता रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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