69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भारत रखेगा एआई, जलवायु लचीलापन और मानवाधिकारों पर पक्ष

01 Sep 2026 20:10:53
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय ब्रीफिंग बैठक


नई दिल्ली, 01 सितंबर (हि.स.)। भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल 13 से 19 सितंबर तक दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में आयोजित होने वाले 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन (सीपीसी) में हिस्सा लेगा। सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), जलवायु लचीलापन, समावेशी व्यापार, मानवाधिकार और संसदीय लोकतंत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण रखेगा।

सम्मेलन की तैयारियों को लेकर मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय ब्रीफिंग बैठक हुई। बैठक में बिरला ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल की प्रभावी भागीदारी पर जोर देते हुए सभी सदस्यों और महिला प्रतिनिधियों से निर्धारित सत्रों तथा कार्यशालाओं में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का आह्वान किया।

उन्होंने प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान भारत के राष्ट्रीय हितों और दृष्टिकोण को प्रभावी ढंग से वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का आग्रह किया। साथ ही सम्मेलन की बैठकों में समयबद्धता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखने को कहा, ताकि भारतीय प्रतिनिधिमंडल एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत कर सके।

इस वर्ष सम्मेलन की मुख्य थीम “बदलती वैश्विक व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र को सशक्त बनाना : राष्ट्रमंडल की नेतृत्वकारी भूमिका” है। इसके तहत बदलती वैश्विक व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने में संसदों की भूमिका पर चर्चा होगी।

ब्रीफिंग के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल के लिए छह प्रमुख सीपीसी कार्यशालाओं के एजेंडे पर भी चर्चा हुई। इनमें विविध अर्थव्यवस्थाओं में समावेशी और निष्पक्ष व्यापार, सुलभ संसद और दिव्यांगजनों का समावेशन, जलवायु अनुकूलन एवं लचीलापन, संसदों में एआई के वर्तमान अनुप्रयोग, मानवाधिकारों की रक्षा तथा पश्च-विधायी संवीक्षा जैसे विषय शामिल हैं।

सम्मेलन में लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी और उनके विश्वास को मजबूत करने पर भी विशेष चर्चा होगी। इसके तहत “लोकतंत्र में युवाओं के विश्वास और भागीदारी को मजबूत करना” विषय पर युवा गोलमेज बैठक आयोजित की जाएगी। इसके अलावा सीपीए महासभा की डिबेट भी होगी।

महिला सांसदों से जुड़े मुद्दों पर 10वें राष्ट्रमंडल महिला संसद सदस्य (सीडब्ल्यूपी) सम्मेलन के तहत “लैंगिक संवेदनशीलता को संस्थागत दायित्व बनाना” विषय पर चार विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें लैंगिक संवेदनशीलता को संस्थागत जिम्मेदारी बनाने पर विचार-विमर्श होगा।

बैठक के दौरान लोकसभा महासचिव और संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सम्मेलन की रूपरेखा तथा प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्रतिनिधियों को दी। बैठक में विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं और विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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