
नई दिल्ली, 01 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पांच सितंबर के मार्च को रद्द करने के कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फैसले का स्वागत किया। सीजेपी के इस कदम का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी। नड्डा ने कहा, “इसी क्रम में हमने भाजपा शासित सभी राज्यों से चर्चा की और उन्होंने भी सीजेपी के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने का आश्वासन दिया है।”
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत कहा कि 25 जुलाई 2026 को उन्होंने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन में शामिल छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत की थी। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे और भविष्य में उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी।
नड्डा ने बताया कि इस संबंध में भाजपा शासित राज्यों की सरकारों से भी चर्चा की गई है और अब सरकार अपने आश्वासन को पूरा करने जा रही है।
उन्होंने 5 सितंबर को प्रस्तावित प्रदर्शन वापस लेने के सीजेपी प्रवक्ता के प्रेस कॉन्फ्रेंस में किए गए ऐलान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य, प्रगति और विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उल्लेखनीय है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली में 5 सितंबर को प्रस्तावित अपना विरोध मार्च वापस ले लिया है।
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की पीठ को बताया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए उठाए गए कदमों को देखते हुए संगठन ने मार्च रद्द करने का फैसला किया है।
सौरव दास भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष पेश हुए और अदालत को संगठन के फैसले की जानकारी दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी