
नई दिल्ली, 13 सितंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को यहां 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर युगांडा गणराज्य की उपराष्ट्रपति जेसिका रोज एपेल अलुपो के साथ गर्मजोशी भरी और सार्थक द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और युगांडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की और 'ग्लोबल साउथ' के साझा हितों को वैश्विक मंचों पर मजबूती से उठाने के लिए आपसी जुड़ाव बढ़ाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, दोनों नेताओं ने प्रौद्योगिकी साझेदारी, क्षमता निर्माण, ज्ञान साझाकरण, निवेश सुविधा और दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच सहयोग के माध्यम से प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में साझेदारी को और विस्तार देने पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने रेखांकित किया कि भारत और युगांडा के बीच विकास साझेदारी दोनों देशों के लिए शक्ति का बड़ा स्रोत है।
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने एक रूपांतरित और समृद्ध युगांडा के निर्माण के लिए देश के 'विजन 2040' को भारत के निरंतर समर्थन की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने इस बात पर भी बल दिया कि दोनों देशों के बीच मजबूत जन-जन के संपर्क (पीपल-टू-पीपल टाइज) इस द्विपक्षीय साझेदारी को निरंतर मजबूती प्रदान करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए युगांडा की उपराष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों की प्राथमिकताओं और चिंताओं को मजबूती से रेखांकित करने के लिए द्विपक्षीय समन्वय को और गहरा करने पर सहमति जताई।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर