
नई दिल्ली, 13 सितंबर (हि.स.)। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीआरबी एवं सीईओ) सतीश कुमार ने शनिवार को सेक्टर-145 स्थित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के कॉरपोरेट कार्यालय का दौरा किया। उन्होंने केंद्रीय नियंत्रण प्रणाली, रेलवे ट्रैक, परिचालन व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने डीएफसीसीआईएल ट्रैक पर चलने वाली प्रत्येक मालगाड़ी की कंप्यूटरीकृत निगरानी व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने कमियों की शुरुआती स्तर पर पहचान कर तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।
दौरे के दौरान सतीश कुमार ने वॉर रूम का उद्घाटन किया। उन्होंने मालगाड़ियों की 24 घंटे निगरानी के लिए ट्रैक की कमियों की पहचान करने वाला समर्पित डैशबोर्ड विकसित करने को कहा। उन्होंने विजिलेंस कंट्रोल डिवाइस की प्रभावशीलता की समीक्षा और आवश्यक तकनीकी सुधार करने के निर्देश दिए। स्टेशनों पर कैमरों, सिग्नल एक्सचेंज सिस्टम और अन्य आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल की निरंतर निगरानी पर भी जोर दिया।
सतीश कुमार ने ट्रेन परिचालन में आने वाली तकनीकी कमियों, मशीन विजन निरीक्षण प्रणाली और हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए मूल कारण की पहचान, विस्तृत विश्लेषण और स्थायी सुधार लागू करने की तीन-स्तरीय प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया। ट्रेन के पटरी से उतरने और आग लगने की घटनाओं की विस्तृत जांच तथा उनके निष्कर्षों की नियमित समीक्षा के निर्देश भी दिए गए। कैटल रन ओवर की घटनाओं में कमी को सकारात्मक विकास बताया गया। मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब के जरिए नए माल यातायात को बढ़ावा देने और जेएनपीटी में कंटेनर आवाजाही को संतुलित करने पर भी चर्चा हुई।
सतीश कुमार ने डीएफसीसीआईएल को आरडीएसओ के साथ तकनीकी विकास और परीक्षण पर समानांतर रूप से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों के कौशल विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करने तथा इमेज रिकॉग्निशन जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया। उपलब्ध तकनीकी क्षमता के आधार पर नए कारोबारी अवसर तलाशने के साथ आईआईटी दिल्ली के साथ शोध और तकनीकी सहयोग मजबूत करने की बात कही। लागत कम करने, नवाचार को बढ़ावा देने और तकनीकी आत्मनिर्भरता मजबूत करने के लिए ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर के उपयोग और विकास को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।
दौरे के दौरान उन्होंने वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया और एक्सपीरियंस सेंटर का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने हेवी हॉल इंस्टीट्यूट में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग ट्रेनिंग सेटअप का उद्घाटन किया। यह सुविधा कर्मचारियों को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण देने में मदद करेगी। अंतिम चरण में उन्होंने डीएफसीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर संगठन के कामकाज, परिचालन सुरक्षा, तकनीकी विकास, प्रशिक्षण और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पूरा होने और कमीशनिंग पर डीएफसीसीआईएल को बधाई दी। साथ ही संबंधित रेलवे खंडों में समयपालन में सुधार की सराहना करते हुए मालगाड़ियों की औसत गति और समग्र परिचालन दक्षता में निरंतर सुधार पर जोर दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव