लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री ने ज्योति-जोत दिवस पर गुरु रामदास को किया नमन

14 Sep 2026 12:55:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 14 सितंबर (हि.स.)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को सिख धर्म के चौथे गुरु, गुरु रामदास की ज्योति-जोत दिवस पर उन्हें नमन किया।

ओम बिरला ने एक्स पर लिखा, सिख धर्म के चौथे गुरु, गुरु रामदास को उनके 'ज्योति-जोत' दिवस के अवसर पर हम उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हैं। उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से सेवा, सिमरन और मानवता का मार्ग रोशन किया। गुरु रामदास का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और भक्ति का एक अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने संगत को प्रेम, समानता और निस्वार्थ सेवा का संदेश देकर एक ऐसी आध्यात्मिक परंपरा को मजबूत किया जिसमें पूरी मानवता का कल्याण सर्वोपरि है। गुरु साहिब की शिक्षाएं आज भी हमें मानवता की सेवा करने और समाज में प्रेम व सद्भाव को मजबूत करने के लिए प्रेरित करती हैं।

अमित शाह ने कहा कि सेवा, भक्ति और सामाजिक सद्भाव की पवित्र ज्योति जलाकर, गुरु रामदास ने सभी को प्रेम, एकता और निस्वार्थ सेवा का संदेश दिया। अमृतसर की स्थापना और श्री हरिमंदिर साहिब की नींव रखकर उन्होंने आध्यात्मिक विरासत को समृद्ध किया। उनके आदर्श सभी को सेवा, सद्भाव और जन-कल्याण के पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि 24 सितंबर 1534 को लाहौर में जन्में गुरु रामदास 1574 से 1581 तक सिख धर्म के गुरु रहे। इसके बाद उन्होंने 'रामदासपुर' शहर की नींव रखी, जो बाद में अमृतसर के नाम से प्रसिद्ध हुआ और सिख धर्म का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र बना। उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लिए कई भजनों और शब्दों (लगभग 638 से 688 शबद) की रचना की। सिख धर्म के प्रचार और संगठन को मजबूत करने के लिए उन्होंने 'मसांद प्रणाली' की भी शुरुआत की थी।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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