
नई दिल्ली, 14 सितंबर (हि.स.)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई प्रमुख नेताओं ने सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने हिंदी को भारतीय संस्कृति, सभ्यता और जीवन-मूल्यों की अभिव्यक्ति बताते हुए इसे ज्ञान, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हिंदी दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, सभ्यता और जीवन-मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि हिंदी देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने का काम करती है।
ओम बिरला ने कहा कि हिंदी की महिमा को बढ़ाना देश की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना है। उन्होंने लोगों से हिंदी को संरक्षित, प्रोत्साहित और प्रचारित करने का संकल्प लेने की अपील की। साथ ही उन्होंने ज्ञान, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में हिंदी को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हिंदी दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हिंदी भारत की संस्कृति, सभ्यता और जीवन-मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति है। यह भाषा देश की विविधता को एकता के सूत्र में बांधने का काम करती है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि हिंदी की महिमा को बढ़ाना भारतीय भाषाई और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है। हिंदी को संरक्षित, प्रोत्साहित और प्रचारित करने के साथ ही ज्ञान, विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार के क्षेत्रों में इसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि राजभाषा के रूप में हिंदी जनसंचार, सुशासन और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि सभी भारतीय भाषाओं के साथ आगे बढ़ते हुए हिंदी अब तकनीक और शोध के क्षेत्र में भी अपनी जगह बना रही है।
शाह ने हिंदी दिवस के अवसर पर लोगों से हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं को सशक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं का विकास देश की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हिंदी ऐसी आत्मीय भाषा है, जो लोगों के विचारों, भावनाओं और मूल्यों को आपस में जोड़ती है। उन्होंने लोगों से मिलकर हिंदी की गरिमा को बढ़ाने और इसके निरंतर विकास में योगदान देने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि देश में हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। हिंदी दिवस के माध्यम से हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के साथ भारतीय भाषाओं की समृद्ध परंपरा और भाषाई विविधता के संरक्षण पर भी जोर दिया जाता है।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी