एनसीपीआई के 20 में से 17 लोकसभा सांसद अगले महीने भाजपा में शामिल हो सकते हैं : बसुनिया

14 Sep 2026 17:10:53
टीएमसी के विद्रोही सांसद


कोलकाता, 14 सितंबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हुए 20 लोकसभा सांसदों में से 17 अगले महीने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकते हैं। कूचबिहार से लोकसभा सांसद और एनसीपीआई सांसदों के खेमे के प्रमुख नेताओं में शामिल जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने सोमवार को यह दावा किया।

बसुनिया ने कहा कि मुर्शिदाबाद से अबू ताहेर खान, बहरामपुर से यूसुफ पठान और जंगीपुर से खलीलुर रहमान सीधे भाजपा में शामिल नहीं होना चाहते। हालांकि, ये तीनों सांसद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ बने रहेंगे।

उन्होंने दावा किया कि शेष 17 सांसद दुर्गा पूजा से पहले या उसके तुरंत बाद एनसीपीआई छोड़कर भाजपा में शामिल होंगे। बसुनिया के मुताबिक, दो-तिहाई सांसदों के किसी दल में विलय के लिए 14 सांसदों की जरूरत होती है, जबकि उनके खेमे में 17 सांसद हैं। ऐसे में उनके खिलाफ दल-बदल कानून लागू नहीं होगा।

बसुनिया ने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले से जुड़े तीनों सांसद अल्पसंख्यक बहुल निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए उनके लिए सीधे भाजपा में शामिल होने में व्यावहारिक दिक्कतें हैं। हालांकि, वे राजग का हिस्सा बने रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल की 42 में से 28 सीटों पर जीत दर्ज की थी। लेकिन वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद उसके 20 लोकसभा सांसदों के एनसीपीआई में शामिल होने का दावा किया गया है। ये सांसद राजग का भी हिस्सा बनने की बात कही गई है।

इन 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उन्हें एनसीपीआई के लोकसभा सदस्यों के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया है। हालांकि, अभी तक लोकसभा अध्यक्ष की ओर से इस संबंध में कोई मान्यता नहीं दी गई है। लोकसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में ये सांसद अब भी तृणमूल कांग्रेस के सदस्य के रूप में दर्ज हैं।

ऐसे में बसुनिया के ताजा दावे से पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। यदि 17 सांसद भाजपा में शामिल होते हैं, तो इससे राज्य में भाजपा और राजग की संसदीय ताकत में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकता है।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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