सब्सक्रिप्शन के लिए खुला एसएस रिटेल का आईपीओ, पहले दिन ही फुली सब्सक्राइब

16 Sep 2026 19:43:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 16 सितंबर (हि.स.)। मोबाइल फोन, एक्सेसरीज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बिक्री करने वाली प्रमुख मल्टी ब्रांड रिटेल चेन एसएस रिटेल लिमिटेड का 500 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 18 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 21 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 22 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 23 सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन यह आईपीओ 1.52 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 403 रुपये से लेकर 424 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 35 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 35 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,840 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,92,920 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 455 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,18,10,182 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 360 करोड़ रुपये के 85,08,298 नए शेयर जारी हो रहे हैं, जबकि लगभग 140 करोड़ रुपये के 33,01,884 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेजे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 48.73 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 34.10 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.62 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। कंपनी के एंप्लॉयीज के लिए 2.55 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए आनंद राठी एडवाइजर्स लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

एसएस रिटेल लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 26.65 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 39.86 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 59.28 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,208.04 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,599.96 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 2,352.85 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 110.43 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 125.36 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 162.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 101.51 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 141.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 225.71 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 88.52 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और बढ़ कर 128.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस शानदार बढ़त के साथ 159.59 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 56.50 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 80.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 125.15 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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