
नई दिल्ली, 17 सितंबर (हि.स.)। कोयला मंत्रालय ने नई दिल्ली में वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के 16वें दौर की शुरुआत गुरुवार को किया, जिसमें बिक्री के लिए कुल 25 कोयला खदानों (ब्लॉकों) की पेशकश की गई है। साथ ही हितधारकों को बोली में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया।
केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने 16वें दौर की इस नीलामी की शुरुआत करते हुए कहा, ‘‘हम निवेशकों से इस दौर में हिस्सा लेने का आह्वान करते हैं। उन्होंने नीलामी के इस नए दौर में रोजगार के बड़े अवसर सृजित करने और क्षेत्र में नए निवेश को आकर्षित करने की क्षमता है।’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2020 में वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी शुरू की थी।
कोयला मंत्रालय ने जारी बयान में बताया कि वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी के 16वें दौर की शुरुआत की गई, जिसमें हितधारकों को बोली में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। ये सभी कोयला खदानें ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार, तेलंगाना और अरुणाचल प्रदेश में स्थित हैं।
मंत्रालय के अनुसार इस दौर में विभिन्न राज्यों में स्थित 25 कोयला खदानें बिक्री के लिए पेश की हैं। इनमें से 21 खदानें पूरी तरह से खोजी गई हैं, जबकि 4 कोयला की खदानें आंशिक रूप से खोजी गई हैं।
कोयला मंत्रालय ने कहा कि पिछले छह वर्षों में कुल 15 कोयला खदानों की नीलामी की प्रक्रियाएं पूरी हुईं है। इस दौरान 147 कोयला खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी की जा चुकी है। इससे क्षेत्र में 44 नई कंपनियां आई हैं। नीलाम की गई इन खदानों से सालाना करीब 47,500 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है।
इसके अलावा कोयला खदानों की नीलामी से लगभग 55 हजार करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होने और कोयला उत्पादक राज्यों में लगभग 4.9 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 तक निजी इस्तेमाल और वाणिज्यिक कोयला खदानों से देश का कोयला उत्पादन 21.04 करोड़ टन रहा है। यह वित्त वर्ष 2025-26 के 19.09 करोड़ टन के मुकाबले 10.22 फीसदी अधिक है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर