50 लाख रुपये की रिश्वत लेने वाले धारवाड़ तहसीलदार सच्चिदानंद काे 14 दिन की न्यायिक हिरासत

17 Sep 2026 17:18:53
लोकायुक्त के जाल में फँसे तहसीलदार की तस्वीर।


धारवाड़, 17 सितंबर (हि.स.)। 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए कर्नाटक के

धारवाड़ तालुक के तहसीलदार सच्चिदानंद कुचनूर को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

तहसीलदार ने पीड़ित से जमीन के कागजात ठीक करने की एवज में एक एकड़ जमीन और एक करोड़ रुपये नकद रिश्वत मांगने तथा पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धलिंगप्पा ने गुरुवार काे बताया कि तहसीलदार सच्चिदानंद कुचनूर को बुधवार रात 50 लाख रुपये की पहली किस्त स्वीकार करते समय लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा। उन्हाेंने बताया कि आरटीसी रिकॉर्ड में संशोधन और जमीन के खऱाब हिस्से को हटाने से संबंधित कार्य के लिए तहसीलदार ने इस रिश्वत की मांग की थी।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि धारवाड़ तालुक के यरिकोप्पा के पास बागलकोट निवासी विकासकर्ता मंजुनाथ अरलीकट्टी ने 33 एकड़ जमीन खरीदी थी। जमीन के खऱाब और कृषि योग्य हिस्से को अलग-अलग चिह्नित कर सर्वे कराया गया था। जमीन के रिकॉर्ड को दुरुस्त कर उसे विकसित करने के उद्देश्य से आरटीसी रिकॉर्ड में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

इससे पहले एडीएलआर द्वारा जारी पोड़ी आदेश को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद खऱाब और कृषि योग्य जमीन किस हिस्से में आती है, इसे लेकर एडीएलआर कार्यालय से तहसीलदार को प्रस्ताव भेजा गया था।

आरोप है कि इस कार्य को पूरा करने के लिए तहसीलदार सच्चिदानंद कुचनूर ने एक एकड़ जमीन और एक करोड़ रुपये नकद देने की मांग की थी। इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई की तैयारी की। इसके तहत बुधवार रात 50 लाख रुपये की पहली किस्त स्वीकार करते समय लोकायुक्त पुलिस ने तहसीलदार को पकड़ लिया।

इस संबंध में धारवाड़ लोकायुक्त थाने में अपराध संख्या 007/2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 में वर्ष 2018 के संशोधन की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी तहसीलदार को लोकायुक्त अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश एम.बी.

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