सब्सक्रिप्शन के लिए खुला एनएसई का आईपीओ, ग्रे मार्केट के निगेटिव रिस्पॉन्स के कारण बोली लगाने से डर रहे निवेशक

17 Sep 2026 12:37:53

नई दिल्ली, 17 सितंबर (हि.स.)। निवेशकों के लंबे इंतजार के बाद आज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 22 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 23 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 24 सितंबर को बीएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद दोपहर 12 बजे तक ये आईपीओ सिर्फ 22 प्रतिशत ही सब्सक्राइब हो सका था।

माना जा रहा है कि ग्रे मार्केट से मिले निगेटिव रिस्पॉन्स की वजह से निवेशक काफी सतर्क हो कर इस आईपीओ के लिए बोली लगा रहे हैं। ग्रे मार्केट में एनएसई के शेयर की मांग लगातार कमजोर होती गई है। पांच सितंबर को ग्रे मार्केट में इस शेयर के लिए 310 रुपये यानी 17.37 प्रतिशत प्रीमियम मिल रहा था, लेकिन उसके बाद से इस शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम लगातार गिरता चला गया। आज लॉन्चिंग के दिन दोपहर 12 बजे ग्रे मार्केट में ये शेयर सिर्फ 137 रुपये यानी 7.68 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा था। ग्रे मार्केट प्रीमियम में आई गिरावट की वजह से निवेशक अब इस आईपीओ में बोली लगाने से हिचक रहे हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 1,700 रुपये से लेकर 1,785 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 8 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 8 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,280 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,99,920 रुपये के निवेश से अधिकतम 14 लॉट में 112 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत एक रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 12,64,36,650 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेजे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

एनएसई की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 8,305.74 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 12,187.69 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ थोड़ा कम होकर 10,302.06 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की बात करें तो पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक एनएसई को 3,120.08 रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान एनएसई की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 16,352.06 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 19,176.83 करोड़ रुपये और 2025-26 में थोड़ा फिसल कर 18,713.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की बात करें तो पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक एनएसई को 5,252.17 करोड़ रुपये का राजस्व मिल चुका था।

एनएसई के रिजर्व और सरप्लस में इस अवधि को दौरान लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 23,924.91 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 30,105.83 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में बढ़ कर 31,866.04 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की बात करें तो पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक एनएसई का रिजर्व और सरप्लस 34,996.73 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ था।

इस अवधि में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2023-24 में एनएसई का नेटवर्थ 23,833.10 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 30,165.05 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में उछल कर 31,869.72 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक एनएसई का नेटवर्थ 94,983.74 करोड़ रुपये हो गया था।

इसी तरह एनएसई का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 11,623.83 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 16,021.36 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में एनएसई का ईबीआईटीडीए घट कर 14,519.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की बात करें तो पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 ये 4,332.04 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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