
काठमांडू, 18 सितंबर (हि.स.)। नेपाल ने सऊदी अरब की एयरलाइंस के लिए पोखरा और भैरहवा स्थित नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से उड़ान संचालन का रास्ता खोल दिया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय हवाई सेवा समझौते पर अंतिम हस्ताक्षर होने के बाद यह कानूनी आधार तैयार हुआ है।नेपाल और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय हवाई सेवा समझौते पर अंतिम हस्ताक्षर किए हैं।
संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं प्रवक्ता जयनारायण आचार्य के अनुसार समझौते के तहत सऊदी अरब की एयरलाइंस पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और भैरहवा के गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ानें संचालित कर सकती हैं। आचार्य ने कहा कि नेपाल के पास पर्याप्त विमान नहीं हैं, जबकि सऊदी अरब के पास विमान उपलब्ध हैं। यदि सऊदी एयरलाइंस इन दोनों हवाई अड्डों से उड़ानें संचालित करना चाहती हैं, तो नया समझौता इसके लिए आवश्यक सुविधा प्रदान करता है।
नेपाल और सऊदी अरब ने इससे पहले वर्ष 1999 में द्विपक्षीय हवाई सेवा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। उस समझौते के तहत दोनों देशों की एयरलाइंस को प्रति सप्ताह 5,600 सीट और सालाना 2,91,200 सीट के बराबर हवाई सेवा संचालित करने की अनुमति थी। नेपाल सरकार को उम्मीद है कि नया समझौता नेपाल और सऊदी अरब के बीच हवाई संपर्क को विस्तार देगा। इससे यात्री और कार्गो सेवाओं के विकास के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की अपेक्षा है।
मंत्रालय के अनुसार समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा होने के साथ आर्थिक तथा जन-जन के संबंध भी मजबूत होंगे। आचार्य ने बताया कि अंतिम समझौता दोनों देशों की नामित एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन के स्थापित सिद्धांतों और प्रथाओं के आधार पर नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करने के लिए आवश्यक कानूनी और संस्थागत ढांचा प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि नेपाल और सऊदी अरब के संबंध केवल सरकार-से-सरकार स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच भी मजबूत संबंध हैं। हजारों नेपाली नागरिक सऊदी अरब में काम कर रहे हैं, इसलिए यह हवाई सेवा समझौता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास